मऊ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रमोद कुमार सिंह ने जालसाजी के एक मामले में सुनवाई के बाद आठ लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने का आदेश घोसी कोतवाली पुलिस को दिया है।
मधुबन थाना क्षेत्र के बजरंगी ने कोर्ट में अर्जी दी थी। इसमें उसने रामबली, रामकिशुन, रामविशुन, रामनगीना पुत्रगण उचित और शंभूनाथ, उमाशंकर, ओमप्रकाश पुत्रगण सिंहासन तथा कुंवर वृंदावन सिंह पुत्र राजदेव सिंह को आरोपी बनाया। वादी का आरोप है कि उसके पिता की मौत के बाद सरकारी अभिलेख में जमीन पर चारों भाइयों का दर्ज हो गया। उस समय वादी नाबालिग था। आरोप है कि विपक्षियोें ने साजिश करके वादी की जमीन का एक बैनामा रामबली, रामकिशुन, रामविशुन और रामनगीना को कर दिया। बैनामा के दिन वादी और उसका भाई उमाशंकर नहीं थे। इसलिए उनकी जगह पर दूसरे व्यक्ति को खड़ा करने बैनामा कर दिया गया। इसमें लेखपाल मुन्नीलाल और अन्य लोग शामिल रहे। सुनवाई के बाद सीजेएम ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने का आदेश प्रभारी निरीक्षक कोतवाली घोसी को दिया। (ब्यूरो)