घोरावल। तहसील क्षेत्र के महांव ग्राम पंचायत के कोटेदार (उचित दर विक्रेता) के खिलाफ वृहस्पतिवार को देर रात आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया। आरोप है कि कोटेदार ने करीब 36 कुंतल गेहूं चावल पात्रों को न बांटकर कालाबाजारी कर बेच दिया।
आपूर्ति निरीक्षक अरुण प्रकाश यादव ने बताया कि महांव निवासी ओमप्रकाश पुत्र रामबचन पाल की शिकायत पर बीते 13 जनवरी को महांव ग्राम पंचायत में सरकारी राशन के दुकान का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में दुकान बंद पाई गई। दुकान पर रेट, स्टॉक, साइन बोर्ड प्रदर्शित पाया गया,लेकिन उस पर रेट व स्टॉक का अंकन नही पाया गया। दुकान पर जिला शिकायत निवारण अधिकारी का विवरण, अंत्योदय योजना के 16 एवं पात्र गृहस्थी योजना के 277 लाभार्थियों की सूची, दिए जा रहे खाद्यान्न सब्सिडी का विवरण, टोल फ्री नंबर प्रदर्शित नही पाया गया। स्थलीय जांच के दौरान कार्डधारकों मानमती पत्नी रामबली, संगीता पत्नी नागेंद्र, उर्मिला पत्नी सदानंद, नाथू पुत्र लालधारी, रेखा देवी पत्नी दूधनाथ, सुभागी पत्नी रामआधार समेत तमाम कार्डधारकों ने शिकायत किया कि उन लोगों का कोटेदार ने ई-पास मशीन में अंगूठा रीड कराने के बावजूद अक्टूबर, नवंबर व दिसंबर माह में अनाज नही दिया गया। जांच में पाया गया कि कोटेदार ने 93 कार्डधारकों को दिसंबर माह में अनाज नही दिया। इस तरह जनवरी माह का अवशेष व कार्डधारकों को न दिए गए अनाज के सापेक्ष कोटेदार के यहां उतना स्टॉक होना चाहिए था। लेकिन स्टॉक शून्य पाया गया। तथ्यों से स्पष्ट है कि कोटेदार ने जनवरी माह में निरीक्षण के समय तक कुल 21.43 कुंतल गेहूं एवं 14.37 कुंतल चावल का दुरुपयोग कर अनुचित लाभ उठाया।इसके अलावा और भी तमाम खामियां पाई गई। इस सम्बंध में वृहस्पतिवार देर रात आपूर्ति निरीक्षक अरुण प्रकाश यादव की तहरीर पर महांव ग्राम पंचायत के उचित दर विक्रेता गोविंद के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत केस दर्ज किया गया।