कोन ब्लॉक में सोन नदी के किनारे बसे रानीडीह गांव को गंगा ग्राम (ग्राम्य पर्यटन) के रूप में विकसित किए जाने की पहल शुरू हो गई है। जिला गंगा समिति सोनभद्र की तरफ से क्रिमेटोरियम (शव दाहगृह) निर्माण और गंगा की तर्ज पर आरती का आयोजन कराने पर ग्रामीणों से वार्ता की गई।
इसके साथ ही पौधरोपण किया गया। गंगा की सहायक सोन नदी के किनारे बसे गंगा ग्राम व ग्राम्य विकास विभाग की तरफ से ग्राम्य पर्यटन के लिए चयनित ग्राम रानीडीह में शनिवार को बैठक की गई।
इसमें जिला गंगा समिति सोनभद्र के महेंद्र कुमार गौतम, जिला परियोजना अधिकारी (नमामि गंगे) सोनभद्र व पर्यटन परामर्शदाता संस्था संकल्प एनजीओ सामूहिक सहयोग से ग्राम प्रधान प्रतिनिधि, समूह की महिलाएं और ग्रामीण मौजूद रहे।
इसमें संदीप सोनी ने बैम्बू क्राफ्ट के प्रशिक्षण व ग्राम्य पर्यटन के रूप मे गांव को विकसित करने के लिए विस्तृत जानकारी दी। डीपीओ महेंद्र गौतम वन प्रभाग सोनभद्र ने किसानों को जैविक खेती करने व नदी के किनारे गंगा आरती कराने के लिए चर्चा की गई।
ग्राम प्रधान ने बताया कि गुप्ता धाम पर पारंपरिक दाह संस्कार किया जाता है। मगर इसके लिए कोई स्थान शेड व व्यवस्था अपलब्ध नहीं है। क्रेमेटोरियम (शवदाह गृह) बनाने लिए ग्राम पंचायत के माध्यम से इसके निर्माण के लिए प्रस्ताव देने के लिए सहमति जताई गई।
नदी को प्रदुषण से बचाने के लिए सोन नदी के किनारे गुप्ता धाम पर गंगा आरती के आयोजन के लिए पुजारियों से वार्ता की गई। इस मौके पर ग्राम प्रधान रानीडीह संध्या, प्रियंका, अभिषेक यादव (गंगा वालंटियर) व अन्य उपस्थित रहे।