पाबंदी के बावजूद सड़क मार्ग से बगैर तिरपाल ढंके ही ढोया जा रहा कोयला।
खुले में कोयला परिवहन से बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए एनसीएल की बीना कोल परियोजना ने अब इस पर पाबंदी लगा दी है। गुरुवार की सुबह जारी आदेश का दोपहर बाद से असर भी दिखने लगा। उधर, ककरी, कृष्णशिला, खड़िया आदि परियोजनाओं के स्तर से अभी इस तरह की पहल न होने से बिना ढंके कोयले का परिवहन जारी रहा।
ऊर्जांचल से बिजली एवं अन्य परियोजनाओं के साथ चंदासी मंडी तक कोयला जाता है। मार्च में ई-आक्शन के बाद ललितपुर स्थित बिजली परियोजना के लिए भी कोयला जाने लगा है। बिना ढंके कोयला परिवहन से प्रदूषण की समस्या और गहराने लगी है। पंकज मिश्रा की एनजीटी में याचिका के क्रम में पिछले दिनों अनपरा में एसडीएम दुद्धी डा. विश्राम सिंह यादव ने बैठक लेकर इस पर प्रभावी रोक की हिदायत दी थी। बावजूद बिना तिरपाल ढंके कोयले का परिवहन जारी रहा।
आखिरकार गुरुवार को एनसीएल की बीना परियोजना के जीएम विपिन कुमार ने अपने स्तर पर इस पर रोक का निर्णय लेते हुए किसी भी हाल में बिना तिरपाल ढंके वाहनों को परियोजना बैरियर से न निकलने देने का निर्देश जारी कर दिया। वहीं अन्य परियोजनाओं की ओर से अभी इसको लेकर पहल न होने से बगैर तिरपाल ढंके कोयले का परिवहन किया जाता रहा, जिससे आवागमन के साथ ही सड़क के आसपास रहने वालों की दुश्वारी बनी रही।
जीएम बीना विपिन कुमार का कहना है कि बीना परियोजना से कोई भी ट्रक, टीपर, हाइवा, ट्रेलर या अन्य वाहन बिना तिरपाल ढंके कोयला लेकर नहीं निकलेगा। एसडीएम दुद्धी डाॅ. विश्राम सिंह यादव का कहना है कि अन्य परियोजनाओं से भी इसी तरह की पहल करवाने की कोशिश होगी।