सोनभद्र कोर्ट ने नाबालिग से हुई छेड़छाड़ मामले में पाक्सो एक्ट के तहत दोषी को तीन साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दस हजार का अतिरिक्त अर्थदंड भी लगाया है जिसके न देने की स्थिति में एक माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। बताते चलें कि साढ़े सात साल पहले 17 वर्षीय नाबालिग के साथ छेड़छाड़ के बाद मामला कोर्ट में चल रहा था जिस पर निर्णय दिया है।
साढ़े सात वर्ष पूर्व 17 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ हुए छेड़छाड़ के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट सोनभद्र अमित वीर सिंह की अदालत ने शनिवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी कुबेर गोड़ को 3 वर्ष की कैद एवं 10 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं अर्थदंड की धनराशि में से 8 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक चोपन थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता ने 19 अगस्त 2017 को चोपन थाने में दी तहरीर में अवगत कराया था कि 18 अगस्त 2017 को 6:15 बजे शाम को स्कूल से पढ़कर अपने घर वापस लौट रही थी तभी घर से 500 मीटर दूर रास्ते में चोपन थाना क्षेत्र के कोटा टोला सनायडण्डी गांव निवासी कुबेर गोड़ पुत्र शोभनाथ मिला और उसे गाली देते हुए उसके साथ छेड़छाड़ करने लगा। शोरगुल की आवाज सुनकर कई लोग आ गए तो वह भाग गया।
इस तहरीर पर पुलिस ने 19 अगस्त 2017 को एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दिया। विवेचक ने पर्याप्त सबूत मिलने पर कोर्ट में छेड़छाड़ और पाक्सो एक्ट में चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, 7 गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी कुबेर गोड़ को 3 वर्ष का कारावास एवं 10 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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अर्थदंड न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं अर्थदंड की धनराशि में से 8 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की तरफ से सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्य प्रकाश त्रिपाठी एवं नीरज कुमार सिंह ने बहस की।