बुधवार की सुबह भतीजे दिवाकर ने देखा कि पति-पत्नी अचेत पड़े हैं। वह दोनों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचा। जांच में दोनों के जहर खाने की बात सामने आई। कुछ देर बाद डॉक्टरों ने चंदा को मृत घोषित कर दिया। इसकी सूचना पाकर एएसपी अनिल कुमार पुलिसकर्मियों के साथ अस्पताल पहुंचे।
पुलिस के मुताबिक चंदा को हार्ट सहित कई बीमारियां थीं। उसका वाराणसी से लंबे समय से उपचार चल रहा था। इससे दंपती आर्थिक तंगी का सामना कर रहा था। परेशान होकर ही प्रभुनारायण मंगलवार की शाम बाजार से जहर लेकर आया और उसे खा लिया। इससे दोनों की हालत गंभीर हो गई। घटना स्थल पर फॉरेसिंक टीम को भेजा गया है। मामले की जांच की जा रही है।
जब तोहई न रहबा त हम जीके का करब...
पुलिस के अनुसार, प्रभुनारायण ने रात डेढ़ से तीन बजे के बीच जहर खाने जा रहा था। इसी बीच पत्नी जग गई। पत्नी ने जहर हाथ से छीनकर खुद खा लिया। चंदा ने तब पति प्रभुनारायण ने कहा कि जब तोहई न रहबा त हम जी के का करब। कुछ देर बार प्रभुनारायण ने भी जहर खा लिया।
जबरन जहर खिलाने का करता रहा दावा, कहा-नकाब पहनकर आए थे बदमाश
प्रभु नारायण को जब जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया तो वह स्पष्ट जानकारी देने से कतराता रहा। बुधवार की सुबह से शाम चार तक उसने चार लोगों पर जबरन जहर खिलाने का आरोप लगाया। उसका कहना था कि बुधवार की भोर में वह लघुशंका के लिए घर से बाहर निकला था।
इसी बीच चार नकाबपोश घर में घुस गए। उन लोगों ने उसे और उसकी पत्नी को जबरन जहर खिला दिया। दावा था कि उनमें से दो लोगों ने सफेद शर्ट पहनी थी, जबकि दो लोगों ने लुंगी पहन रखी थी। कभी वह कहता था कि आरोपी पहले से छिपे थे तो कभी दो बाइकों से चार नकाबपोशों के आने की बात कह रहा था। उसने किसी को पहचानने से इन्कार कर दिया। किसी से विवाद और धमकी से भी इन्कार किया।
दंपती के जहर खाने की बात सामने आई है। जांच की जा रही है। नकाबपोशों के जबरन जहर देने का दावा झूठा है। - रणधीर मिश्रा, सीओ नगर।