सोनभद्र। करीब ढाई वर्ष पूर्व हुए नगीता हत्याकांड के मामले में बृहस्पतिवार को सुनवाई करते हुए सत्र न्यायाधीश राम सुलीन सिंह की अदालत ने दोषसिद्ध पाकर दोषी दंपती को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इनके ऊपर 11-11 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक राम सुदीन धरिकार पुत्र लक्ष्मण धरिकार निवासी सलखन टोला बहिरहवां, थाना चोपन, जिला सोनभद्र ने चोपन थाने में दी तहरीर में अवगत कराया था कि 28 नवंबर 2023 को शाम 6 बजे उसका छोटा भाई चिनीलाल धरिकार हाथ में कुल्हाड़ी लेकर अपनी पत्नी रेशमी के साथ आया। घर पर उसकी पत्नी नगीता बच्चों के साथ घर का कामकाज कर रही थी।
आवाज देकर उसकी पत्नी को भाई ने बुलाया और अपने साथ चलने को कहा तो नगीता ने साथ जाने से इनकार कर दिया। इस पर उसका छोटा भाई कुल्हाड़ी से नगीता के सिर पर प्रहार कर दिया और वह गिर गई। उसे सिर में चोटें आईं हैं। जब बचाने के लिए उसका बड़ा बेटा दौड़ा तो उसके सिर पर भी कुल्हाड़ी से प्रहार कर दिया। उसके बाद धमकी देते हुए छोटा भाई अपनी पत्नी के साथ भाग गया।
जब वह बाजार से घर लौट रहा था तो उसका छोटा भाई चिनीलाल अपनी पत्नी रेशमी के साथ हाथ में कुल्हाड़ी लेकर जा रहा था और उसकी पत्नी नगीता व बड़ा बेटा उत्तम जमीन पर गिरे पड़े थे। दोनों को दवा इलाज के लिए जिला अस्पताल लोढ़ी लेकर आया जहां पत्नी नगीता (40) वर्ष की सिर में कुल्हाड़ी से गम्भीर चोट लगने से मौत हो गई।
जबकि बेटे उत्तम (13) वर्ष का दवा इलाज चल रहा है। आवश्यक कार्रवाई करें। इस तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दिया। विवेचक ने पर्याप्त सबूत मिलने पर दंपती के विरुद्ध न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था।