सोनभद्र। आंगनबाड़ी केंद्रों पर शौचालय निर्माण कराने के लिए धनराशि जारी होने के दो वर्ष बाद भी शौचालय का निर्माण नहीं हो सका है। शौचालय नहीं बनवा पाने के कारण अब पंचायती राज विभाग को मिली धनराशि बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग को लौटानी पड़ेगी। इसके लिए सीडीओ डॉ. सौरभ गंगवार निर्देश दिए हैं।
शासन की तरफ से जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों को हाईटेक बनाने की कवायद चल रही है। सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर शौचालय का निर्माण कराया जाना है। इसी क्रम में शासन स्तर से वर्ष 2019 -20 में 143 आंगनबाड़ी केंद्रों पर शौचालय निर्माण के लिए धन जारी किया गया था। एक आंगनबाड़ी केंद्र पर 12 हजार रुपये की लागत से शौचालय का निर्माण कराया जाना है। शौचालय निर्माण कराए जाने के लिए पंचायती राज विभाग को धनराशि दी गई है। कुछ आंगनबाड़ी केंद्रों को छोड़ शेष केंद्रों पर शौचालय का निर्माण नहीं कराया जा सका है।
इसी तरह वर्ष 2020-21 में 44 आंगनबाड़ी केंद्रों पर शौचालय निर्माण कराए जाने के लिए पंचायती राज विभाग को पैसा दिया गया। इसमें से करीब आधा दर्जन आंगनबाड़ी केंद्रों पर ही शौचालय का निर्माण हुआ है। अभी 38 केंद्रों पर निर्माण कार्य नहीं हुआ है। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के अधिकारियों की मानें तो तीन अक्तूबर को उच्चाधिकारियों की देख रेख में समीक्षा बैठक हुई थी, जिसमें आंगनबाड़ी केंद्रों पर शौचालय निर्माण की समीक्षा की गई थी। शौचालय का निर्माण नहीं करा पाने पर पंचायती राज विभाग को धनराशि लौटाने का निर्देश दिया गया है। करीब 180 आंगनबाड़ी केंद्रों पर शौचालय का निर्माण नहीं हुआ है, जिसकी धनराशि पंचायती राज विभाग को लौटानी होगी। बता दें कि शौचालय निर्माण के लिए 21 लाख से अधिक की धनराशि जारी हुई है।
वर्ष 2019-20 और 20-21 में आंगनबाड़ी केंद्रों पर शौचालय निर्माण के लिए शासन से धनराशि मिली थी। शौचालय का निर्माण पंचायती राज विभाग को कराना था। मगर अभी तक करीब 180 केंद्रों पर शौचालय नहीं बने हैं। इस नाते विभाग को धनराशि लौटाने के लिए कहा गया है। धनराशि मिलने पर शासन को लौटा दिया जाएगा।
- राजीव सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी-सोनभद्र।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर शौचालय निर्माण के लिए मिली धनराशि लौटायी जानी है। इसकी प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही धनराशि लौटा दी जाएगी। - विशाल सिंह, डीपीआरओ-सोनभद्र।