इससे जुड़े सबूत भी एसआईटी ने हासिल कर लिए हैं। इसी तरह शैली ट्रेडर्स के ड्रग लाइसेंस और जीएसटी रिकॉर्ड में जिस मिलिंद यादव का नाम सामने आया है, उसने शुभम के दुबई पहुंचने के तीसरे दिन ही वाराणसी एयरपोर्ट से शारजाह के लिए उड़ान भरी।
वहीं सोनभद्र में जैसे ही दो फर्जी फर्मों के संचालन की जानकारी सार्वजनिक हुई, वैसे ही सिरप की कागजी आपूर्ति और पैसों के लेन-देन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले मास्टरमाइंड रवि उर्फ निशांत गुप्ता ने भी दुबई के लिए उड़ान भर ली। तीनों दुबई में कहां रह रहे हैं, इसके बारे में सोनभद्र एसआईटी सहित अन्य एजेंसियां जानकारी जुटाने में लगी हुई हैं। उनको लेकर निर्वासन (डिपोर्टेशन) की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। बता दें कि यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके जरिए आव्रजन कानूनों के उल्लंघन के आरोप में विदेशी नागरिक को उसके देश वापस भेजा जाता है।
तीन के खिलाफ जारी कराया जा चुका है लुक आउट नोटिस
बता दें कि एसपी अभिषेक वर्मा की तरफ से जहां शुभम, रवि और वान्या इंटरप्राइजेज के मालिक विशाल उपाध्याय के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी कराया जा चुका है। वहीं शुभम, विशाल, रवि और सोनभद्र में फर्जी फर्म चलाने वाले वाराणसी के विजय गुप्ता पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया गया है। अब विदेश भागने वाले आरोपियों को निर्वासन प्रक्रिया के जरिए भारत लाने की कवायद की जा रही है।
सोनभद्र में कोडिन कफ सिरप को लेकर दो मामले दर्ज किए गए थे। इसमें वांछित चार आरोपियों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया गया है। कुछ वांछित आरोपियों को विदेश में होने के प्रमाण प्राप्त हुए हैं जिसके लिए डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। कुछ का लुक आउट सर्कुलर भी निकाला जा चुका है। - अभिषेक वर्मा, एसपी।