कफ सिरप तस्करी के मामले में लखनऊ और वाराणसी में गिरफ्तार आरोपियों को शनिवार को सोनभद्र नहीं लाया जा सका। इसके पीछे फोर्स की कमी को कारण बताया गया है। कफ सिरप तस्करी का खुलासा करने वाली सोनभद्र पुलिस अब तस्करी से जुड़े हवाला कारोबार की चेन का पता लगाने में जुटी है। तस्करी के पैसों का हवाला के जरिए लेन-देन के मामले में पिछले दिनों वाराणसी पुलिस ने एक साथ पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। 23 करोड़ के फर्जी लेन-देन की पुष्टि भी हुई थी। पकड़े गए पांच आरोपियों में रोहनिया के स्वप्निल केशरी और दिनेश यादव भी शामिल थे। इसी तरह एसटीएफ लखनऊ ने कफ तस्करी का सिंडीकेट चला रहे सहारनपुर निवासी सगे भाई अभिषेक शर्मा और शुभम शर्मा को दबोचा था। इस गिरोह के तार गाजियाबाद और सोनभद्र में हुई बरामदगी से जुड़े पाए गए हैं। वाराणसी-लखनऊ के इन गिरोहों के तार सोनभद्र में दर्ज मामलों से जुड़े मिले हैं। प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर स्वप्निल केशरी, दिनेश यादव और अभिषेक शर्मा के खिलाफ संबंधित न्यायालय से वारंट बी हासिल कर लिया है। इन्हें शनिवार को पूछताछ के लिए सोनभद्र लाया जाना था। बताते हैं कि वीआईपी आगमन में अफसरों की ड्यूटी लगने व फोर्स की कमी के चलते उन्हें सोनभद्र नहीं लाया जा सका। जल्द ही अब नई तिथि तय की जाएगी।