सोनभद्र। राष्ट्रीय अचीवमेंट सर्वे में जिले के परिषदीय स्कूलों के बच्चे पिछड़ गए हैं। वर्ष 2017 के सापेक्ष उनके ज्ञान में गिरावट आई है। सबसे खराब स्थिति कक्षा-तीन की है। तीनों श्रेणियों में पिछले सर्वे की तुलना में इस बार आंकड़ा नीचे गया है। हालांकि विभाग इस कमी के लिए कोविड को कारण बता रहा है। जिम्मेदारों का कहना है कि दो साल तक पठन-पाठन बाधित रहने का बच्चों की ज्ञान कौशल पर असर पड़ा है।
शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए निरंतर किए जा रहे प्रयासों के मूल्यांकन और बच्चों के शिक्षा का स्तर परखने के लिए राष्ट्रीय अचीवमेंट सर्वे (एनएएस) कराया गया था। इसमें जिले के परिषदीय विद्यालयों के कक्षा-तीन, पांच व आठ के बच्चों को शामिल किया गया था। चुनिंदा स्कूल के बच्चे 12 नवंबर को इस परीक्षा में शामिल हुए थे। उनमें भाषा (हिंदी), गणित व पर्यावरण सामान्य ज्ञान का परीक्षण किया गया था। इसमें भाषा और गणित पर विशेष जोर था। नीति आयोग से चिह्नित यूपी के आठ जिलों को इस सर्वे में विशेष रूप से शामिल किया गया था। परीक्षा के परिणाम अब जारी हुए हैं। नतीजों पर गौर करें तो कक्षा-3 के 51 फीसदी बच्चों का गणित में प्रदर्शन ठीक रहा है। वहीं भाषा में यह आंकड़ा 54 प्रतिशत का है। इससे पहले वर्ष 2017 में हुए सर्वे में गणित में 54.9 और भाषा में करीब 66 प्रतिशत बच्चे सफल रहे। आठवीं कक्षा में भाषा विषय में बच्चों का प्रदर्शन 48 प्रतिशत रहा है। पिछली बार यह आंकड़ा 50 प्रतिशत से अधिक था। गणित के प्रदर्शन में सुधार के बाद आंकड़ा 36 प्रतिशत से बढ़कर 37 तक पहुंच गया। पांचवीं में भाषा और गणित दोनों स्तर पर सुधार दर्ज किया गया है।
यूपी के आठ समेत देश के 112 अति पिछड़े जिलों में बुनियादी सुविधाओं की निगरानी नीति आयोग कर रहा है। आयोग के निर्देशन में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कृषि व अन्य क्षेत्रों में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। पिछले पांच वर्षों में शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कई प्रभावी कदम उठाए गए हैं। इससे माना जा रहा था कि इस बार आंकड़े पूर्व से बेहतर होंगे। यही कारण रहा कि परीक्षा से पूर्व शिक्षा विभाग ने बच्चों को तैयार करने में पूरा जोर लगा दिया था। अब सर्वे रिपोर्ट के आधार पर गुणात्मक सुधार के लिए नई योजना तैयार कर काम किया जाएगा।
कोरोना के कारण करीब दो साल तक पठन-पाठन प्रभावित रहा है। इस कारण भी कक्षा-तीन में बच्चों के प्रदर्शन में थोड़ी गिरावट दिख रही है। पांचवीं और आठवीं के नतीजों में पहले की अपेक्षा सुधार है। ओवरआल रैंकिंग में भी जिले का प्रदर्शन देश व प्रदेश स्तर पर अच्छी है। आयोग की ओर से जो भी सुझाव आएंगे, उनके अनुसार आगे काम किया जाएगा। -हरिवंश कुमार, बीएसए।