राष्ट्रीय मध्याह्न भोजन रसोइया फ्रंट ने यूपी सरकार पर रसोइयों के उत्पीड़न का आरोप लगाया है। मंगलवार को राबर्ट्सगंज के रामलीला मैदान में हुई फ्रंट की बैठक में रसोइयों ने एक हजार में दम नहीं, पांच हजार से कम नहीं का नारा लगाया। साथ ही 12 जुलाई को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन का निर्णय लिया गया।
मंगलवार को रामलीला मैैैदान में भारी संख्या में रसोइये पहुंचे। इनमें महिलाओं की संख्या ज्यादा थी। उनके हाथ में बेलन और रसोई से जुड़े अन्य सामान थे।
बैठक में वाराणसी मंडल के महासचिव संदीप कुमार सिंह ने कहा कि यूपी सरकार ने रसोइया का मानदेय महज एक हजार रुपये कर उनका उत्पीड़न किया है।
यह चना छींट कर रसोइयों का बंदर की तरह फंसाने जैसा है। कहा कि यदि रसोइयों का मानदेय पांच हजार रुपये महीने की पहली तारीख को उनके खाते में भेजने का निर्णय सरकार नहीं लेती है तो फ्रंट से जुड़े लोग आंदोलन तेज करने के लिए विवश होंगे।
जिलाध्यक्ष जगदीश प्रसाद ने कहा कि सरकार ने परिषदीय स्कूलों में मध्याह्न भोजन शुरू तो की ही इसी के साथ खाना बनाने के नाम पर रसोइयों को अस्थायी रूप से नियुक्त कर उनका शोषण भी शुरू कर दिया।
रसोइयों को महज एक हजार रुपये मानदेय के रूप में दिया जाता है जबकि खाना बनाने से लेकर बच्चों की सुरक्षा तक कि जिम्मेदारी उनके कंधों पर है।
उन्होंने कहा कि 12 जुलाई को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में गीता देवी, कैलाशी देवी, ननकी देवी, किशनावती देवी, विरंजी, राधिका, अपमानी देवी आदि मौजूद रहीं।