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Sonebhadra News: हत्या के दोषी को 10 साल की सजा

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सोनभद्र। बभनी थाना क्षेत्र में एक युवक को मंदिर बुलाकर लाठी-डंडों से पीट-पीटकर मौत के घाट उतारने के मामले में दोषी सुख सिंह को जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामसुलीन सिंह की अदालत ने 10 साल की कैद और 10,500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान सुनाया गया। यह घटना 27 अगस्त की रात की है। बभनी थाना क्षेत्र के मचबंधवा निवासी लालती पत्नी नंदू ने 28 अगस्त को थाने में तहरीर देकर बताया था कि रात करीब दो बजे उनके पति को फोन कर तत्काल मंदिर पहुंचने के लिए कहा गया था। जब उनके पति पड़ोसी रवि कुमार उर्फ राजन के साथ मंदिर पहुंचे, तो वहां पहले से मौजूद सुख सिंह ने लाठी-डंडों से उनकी पिटाई शुरू कर दी। बचाव का प्रयास करने पर रवि को भी पीटा गया। लगातार पिटाई के कारण नंदू की मौके पर ही मौत हो गई। तहरीर में रामनयन, कृष्णानंद और संजय पुजारी को भी इस साजिश में शामिल होने का दावा किया गया था। पुलिस ने विवेचना के बाद सुख सिंह के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर के बाएं तरफ गहरी चोट लगने से मौत की पुष्टि हुई थी। सजा पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपी को ग्रामीण, कम पढ़ा-लिखा और गरीब बताते हुए कहा कि यह उसका पहला अपराध है और उसने आवेश में आकर घटना को अंजाम दिया। उन्होंने सुधार की प्रवृत्ति का हवाला देते हुए कम से कम दंड की मांग की। हालांकि, जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) ने बचाव पक्ष के तर्कों पर आपत्ति जताई। न्यायालय ने पाया कि नंदू को बांस के डंडे से गंभीर चोटें पहुंचाई गई थीं, जो उसकी मृत्यु का कारण बनीं। अपराध की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने सुख सिंह को गैर इरादतन हत्या का दोषी मानते हुए 10 साल के कारावास और 10,500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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