साढ़े पांच वर्ष पूर्व घर में घुसकर 14 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ हुए छेड़छाड़ के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट सोनभद्र निहारिका चौहान की अदालत ने बुधवार को दोष सिद्ध होने पर राम आधार यादव उर्फ छन्नू यादव को 3 वर्ष की कैद ओर 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 3 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं कोर्ट ने दो आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया। अर्थदंड की समूची धनराशि 10 हजार रुपये पीड़िता को मिलेगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक शाहगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 28 अक्तूबर 2017 को थाने में दी तहरीर में आरोप लगाया था कि 2 सितंबर 2017 को रात्रि करीब 9 बजे जब वह अपने खेत पर चला आया था और उसकी 14-15 वर्षीय नाबालिग बहन घर पर अकेली थी। उसी समय शाहगंज थाना क्षेत्र का रहने वाला राम आधार यादव उर्फ छन्नू यादव उसके घर में घुस गया और नाबालिग बहन के छेड़खानी करने लगा। बहन चिल्लाने लगी तो शोरगुल सुनकर उसकी चाची व वह खुद पहुंच गया, लेकिन राम आधार यादव व उसके दो अन्य साथी जो दरवाजे पर खड़े थे धमकी देते हुए भाग गए। इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना किया। विवेचक ने पर्याप्त सबूत मिलने पर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध होने पर राम आधार यादव उर्फ छन्नू यादव को 3 वर्ष की कैद व 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की तरफ से सरकारी वकील दिनेश कुमार अग्रहरी, सत्य प्रकाश त्रिपाठी एवं नीरज कुमार सिंह ने बहस की।