एनजीटी की सख्ती के बावजूद रिहंद डैम एवं आबादी क्षेत्र में बिजली परियोजनाओं के राख का बहाव जारी है। अनपरा क्षेत्र के पिपरी सोनवानी में जहां पाइप के लीकेज की वजह से बहता पानी फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है।
वहीं बेलवादह के पास रिहंद डैम में भी राख मिश्रित पानी का बहाव जारी है। उधर, शक्तिनगर क्षेत्र के खड़िया के पास भी रिहंद डैम में राखमिश्रित पानी का बहाव जारी है।
पिपरी सोनवानी निवासी देवकुमारी, शोभनाथ आदि का कहना था कि पाइपलाइन लिकेज के चलते उनके आलू, प्याज और अरहर के खेत में राख मिश्रित पानी भर गया है।
पीड़ितों का कहना था कि पिपरी सोनवानी के पास से ही बेलवादह ऐश डैम के लिए बिजली परियोजनाओं की ऐश निस्तारण पाइप गुजरी है, जो प्रत्येक सप्ताह कहीं न कहीं से टूटती रहती है,
जिससे फसल बर्बाद हो रही है। उधर, खडिय़ा स्थित राख बांध से अंडरग्राउंड नहर से राखयुक्त पानी रिहंद जलाशय में मिलने का क्रम जारी है। एनजीटी में याचिका दायर करने वाले जगतनारायण विश्वकर्मा का कहना है
कि एनजीटी के आदेश के बाद भी इस पर पाबंदी नहीं लग पा रही है। बताया कि उन्होंने भी बुधवार को बेलवादह और खड़िया की स्थिति देखी थी। दोनों जगह की हालात चिंताजनक है।
बताया कि 27 जनवरी को एनजीटी में सुनवाई है। सुनवाई के दौरान इन सारे तथ्यों को एनजीटी की प्रमुख बेंच के सामने रखा जाएगा।