कोन। कोन क्षेत्र में बेतहाशा विद्युत कटौती हो रही है। एक तो लो-वोल्टेज, दूसरे विद्युत कटौती ने उपभोक्ताओं को बेहाल कर दिया है। पिछले 15 दिनों से जिले की बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। इससे सबमर्सिबल भी बेकार साबित हो रहे हैं और पानी की समस्या हो रही है। बिजली आपूर्ति बहाल होते ही घंटे में तीन चार बार ट्रिप होना आम बात हो गई है। इससे लोगों में असंतोष है। कोन व कचनरवा में स्थापित 33 केवीए के सब स्टेशन से करीब 60 गांवों मे बिजली सप्लाई होती है। इस संबंध में उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष विजयशंकर जायसवाल ने कहा कि बिजली की आंखमिचौनी से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सबसे ज्यादा प्रभावित किसान व व्यापारी हैं। महज छह से आठ घंटे ही कोन क्षेत्र में बिजली मिल रही। बिजली विभाग के अधिकारियों को चेताया गया है कि यदि एक हप्ते के अंदर बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो व्यापारी दुकान बंद कर सड़क पर उतरेंगे। इलाकाई सदर अब्दुल राजिक ने बताया की मनमानी बिजली सप्लाई से किसान परेशान हैं। बिजली के अभाव में धान की रोपाई नहीं हो पा रही। किसान राकेश तिवारी ने बताया कि विभाग की लापरवाही का खामियाजा उपभोक्ता झेल रहे हैं। महज छह से सात घंटे ही बिजली मिल रही। यदि बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार नहीं हुआ तो क्षेत्रवासी आंदोलन करेंगे। सुजीत यादव उर्फ बुल्लू यादव प्रधान प्रतिनिधि कुड़वा ने बताया कि बिजली की इतनी दयनीय स्थिति आजतक नहीं हुई थी। इसका कारण वर्षों से लगा जर्जर तार व अधिकारियों की लापरवाही है। इस संबंध में विद्युत निगम के क्षेत्र के अवर अभियंता रामलाल ने बताया कि बारिश न होने से धान की रोपाई होने से काफी लोड बढ़ रहा है। इससे समस्या आ रही है। जल्द ही सुधार के लिए कार्य किया जा रहा है। बिजली की कटौती फाल्ट के नाते होती है। सभी तार दुरुस्त कराया जा रहा है।