मजदूरी भूगतान की मांग को लेकर लोढ़ी स्थित निर्माणाधिन महिला अस्पताल के सामने प्रदर्शन करते श्रमिक।
जिला अस्पताल परिसर में करीब 75 करोड़ की लागत से बन रहे दो सौ बेड के अस्पताल का निर्माण कार्य रविवार को श्रमिकों ने बंद कर दिया। दो-तीन माह से श्रमिकों को मजदूरी नहीं मिली है। इससे नाराज होकर श्रमिकों ने निर्माण कार्य कराने वाली कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन और नारेबाजी की। चेतावनी देते हुए श्रमिकों कहा कि जब तक उनके बकाया मजदूरी का भुगतान नहीं होगा तब तक वे काम शुरू नहीं करेंगे। श्रमिकों के हड़ताल करने से कंपनी के अधिकारियों मेें हड़कंप मच गया है।
सुबह करीब दस बजे बकाया मजदूरी का भुगतान करने की मांग को लेकर श्रमिकों ने कंपनी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान नाराज श्रमिकों ने कहा कि अस्पताल का निर्माण कार्य करानी वाली कंपनी ने ठेकेदारों के माध्यम से पिलर बनाने समेत अन्य कार्य करवा रही है। करीब दो-तीन माह से ठेकेदारों ने श्रमिकों को मजदूरी नहीं दिया है। ऐसे में श्रमिकों के समक्ष भुखमरी की नौबत उत्पन्न हो गई है। बिहार और झारखंड के श्रमिकों का कहना था कि दूकानदारों ने उधार सामान देना बंद कर दिया है। इसकी जानकारी ठेकेदार को दी गई, लेकिन उसके सेहत पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। कुछ श्रमिकों का आरोप था कि मेहनताना मांगने पर ठेकेदार द्वार तरह-तरह की धमकी दी जा रही है।
ठेकेदार के क्रियाकलापों के विरोध में कामकाज बंद किया गया है। 11 बजे के करीब श्रमिकों ने कंपनी के दफ्तर में पहुंच कर अधिकारियों से मजदूरी की मांग करने लगे। यहां कंपनी के डीपीएम वृजाभूषण ने श्रमिकों को आश्वासन देते हुए कहा कि बुधवार तक सभी श्रमिकों की बकाया मजदूरी दे दी जाएगी। उन्होंने श्रमिकों से काम करने की बात कहीं तो उन्होंने मजदूरी मिलने के बाद ही भुगतान करने की बात कहीं। समाचार लिखे जाने तक श्रमिकों ने काम शुरू नहीं किया था। प्रदर्शन में राममूरत कुशवाहा, राजकुमार, नंदलाल, राकेश, अनिल, राजन सिंह, बालकेश्वर, रामकरन, रिंकू, अजय आदि मौजूद रहे।