शक्तिनगर। पावर प्रोजेक्ट के आवासीय परिसर में परियोजना के विस्थापित परिवारों के साथ आमजनों को बिना गेट पास के प्रवेश पर रोक का मामला गरम हो गया है। पीएमओ में शिकायत के बाद जांच के निर्देश दिए गए हैं। विस्थापित अधिकार मंच के प्रधान संयोजक हेमंत मिश्र ने बताया कि पावर प्रोजेक्ट के मानव संसाधन विभाग की ओर से परिसर में प्रवेश करने वाले लोगों के लिए गेट पास जरूरी है इस आशय का निर्देश जारी किया है। इस व्यवस्था पर अमल से स्थानीय लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित हो जाएंगे। हेमंत ने बताया कि पावर प्रोजेक्ट के विद्युत विहार आवासीय परिसर में अस्पताल, स्कूल, बैंक, डाकघर, रसोई गैस रिफिलिंग सेंटर, एलआईसी कार्यालय, प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र जैसे मूलभूत आवश्यक सार्वजनिक सुविधा केंद्र मौजूद हैं। इसका उपयोग विद्युत विहार के आवासीय परिसर के साथ स्थानीय निवासी, विस्थापित ग्रामीणों की तरफ से किया जाता है। गेट पास व्यवस्था लागू होने से ग्रामीण जनसुविधाओं से महरूम हो जाएंगे। विस्थापित अधिकार मंच की ओर से ऊर्जा मंत्रालय एवं पीएमओ के लोक शिकायत पोर्टल पर पत्र भेजा। प्रकरण का पीएमओ ने संज्ञान में लेते हुए पोर्टल पर पंजीकृत करते हुए मामले में यूपी सरकार के संयुक्त सचिव भास्कर पांडेय को जांच कर कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है।