राबटर्सगंज कोतवाली क्षेत्र के सुकृत इलाके में कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए इंडसइंड बैंक में खाता खुलवाने के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति के नाम पर सीएससी आईडी बनाकर लाखों का साइबर फ्राड कर लिया गया। पीड़ित को इसकी जानकारी तब हुई जब गुजरात के सूरत से पुलिस ने नोटिस भेजा। मामले में साइबर थाना पुलिस ने जनसेवा केंद्र संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सुकृत निवासी विशाल पटेल ने तहरीर में बताया है कि वह 17 जुलाई 2025 को सुकृत में जन सेवा केंद्र संचालक प्रदीप प्रजापति को इंडसइंड बैंक का खाता खोलवाने के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और हाईस्कूल का अंकपत्र पत्र दिया था। उसका बायोमेट्रिक भी लिया गया। इसके बाद इंडसइंड बैंक का खाता खोलकर पासबुक दे दिया गया। जुलाई 2026 को उन्हें सूरत से नोटिस मिली कि उनके नाम पर सीएससी आईडी बनी है, जिससे लाखों रुपये का फ्राॅड हुआ है। पीड़ित का दावा है कि उसने प्रदीप के सीएससी सेंटर के अलावा कहीं पर कोई दस्तावेज या पासबुक नहीं दिया और किसी की भी सीएससी आईडी बगैर बिना जिला समन्वय के सत्यापन के नहीं बन सकती। प्रभारी निरीक्षक साइबर थाना धीरेंद्र कुमार चौधरी के मुताबिक प्राथमिकी दर्ज कर जांच जारी है।