आयुक्त विंध्याचल मंडल योगेश्वर राम मिश्रा ने रविवार को जिला अस्पताल में पचास बेड के तैयार हो रहे नवजात गहन चिकित्सा इकाई (पीआईसीयू)का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने मंडलायुक्त को बताया कि कोविड-19 के संक्रमण को ध्यान में रखते हुए 50 बेड का पीआईसीयू आक्सीजन युक्त तैयार किया जा रहा है। प्रति मिनट 45 लीटर आक्सीजन के उत्पादन क्षमता की आक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापित हो गया है और दो और आक्सीजन जनरेशन प्लांट को स्थापित किये जाने की प्रक्रिया चल रही है।
मंडलायुक्त ने स्थापित आक्सीजन जनरेशन प्लांट को देखा। वार्डों को देखा, वार्डों संभावित आने वाले मरीजों के तीमारदारों के भी व्यवस्थाओं की जानकारी की। मंडलायुक्त ने कहा कि सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से पूरी की जाय और जन स्वास्थ्य सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाय। इसके बाद मंडलायुक्त ने कोविड-19 एल-2 अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण किया। कोरोना मरीजों के होम आइसोलेशन के स्थिति को जाना और एल-2 में भर्ती होने वाले मरीजों को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं के बारे में भी जानकारी की। डीएम ने बताया कि 300 बेड के क्षमतायुक्त के एल-2 अस्पताल क्रियाशील है, जिसमें से 116 बेड आक्सीजन युक्त है। जिले में आक्सीजन व दवा की कोई कमी नहीं है। एल-2 अस्पताल में 42 मरीज भर्ती हैं, जिसमें से छह मरीज वेंटिलेटर पर हैं। मंडलायुक्त ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन से व्यवस्थाएं की जाय और जरूरत पड़ने पर सीएसआर मद से व्यवस्था की जाय। मंडलायुक्त ने राबर्ट्सगंज के अमरनाथ पाठक की तीमारदार पुत्री अंजलि पाठक, चंदौली के मझगवां निवासी उषा देवी के पुत्र शशि कुमार व अनपरा पावर प्लांट में कार्यरत संक्रमित मरीज शिव कुमार के तीमारदार भाई विजय शंकर से कोविड अस्पताल में मुहैया करायी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं, नाश्ता, काढ़ा, खाना, पानी, साफ-सफाई के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह, सीएमओ डॉ. नेम सिंह, एसडीएम सदर डॉ. कृपा शंकर पांडेय, चिकित्सा विभाग के डॉ. अमृत राय आदि रहे।