बीना में महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन कर आवाज उठाते विभिन्न ट्रेड यूनियनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता।
बारह सूत्री मांगों को लेकर एनसीएल से जुड़ी ट्रेड यूनियनों ने एक जून से होने वाली हड़ताल की तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार की शाम पांच से छह के बीच एनसीएल की सभी परियोजनाओं पर प्रदर्शन किया गया और परियोजना प्रबंधन को हड़ताल की नोटिस देते हुए 25 को सिंगरौली मुख्यालय पर विशाल प्रदर्शन और एक जून से कामबंद हड़ताल का अल्टीमेटम दिया गया। उधर, स्थिति की गंभीरता भांपते हुए एनसीएल प्रबंधन ने शनिवार को 11 बजे यूनियन नेताओं की बैठक बुला ली है।
बीना में प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे आरसीएसएस के पदाधिकारी ओपी मालवीय, वीएस विष्ट, एचएमएस के महामंत्री अशोक पांडेय, सीटू के महामंत्री पीएस पांडेय आदि का कहना था कि कालोनियों में नाली की साफ-सफाई, आवास दुरुस्त करने, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, परियोजना चिकित्सालयों में चिकित्सा व्यवस्था मुकम्मल करने, श्रम शक्ति बजट 2016-17 में आवश्यकतानुसार पदों का सृजन करने, कोयला खदानों में उड़ती धूल, कोयले के चूरे को पानी का छिड़काव कर नियंत्रित करने, चेक आफ सिस्टम के प्रावधान के हो रहे उल्लंघन को रोकने, आश्रित एवं विस्थापित से जुड़े मामलों के निस्तारण में तेजी लाने आदि को लेकर लंबे समय से आवाज उठाई जा रही है। बावजूद अब तक प्रबंधन की ओर से इस पर ठोस पहल नहीं हो सकी है। त्रिभुवन सिंह, व्यासमुनि पाठक, राजेंद्र पाल, संजीव कुमार सिंह, रघुनाथ सिंह आदि मौजूद रहे। खड़िया में शैलेंद्र चौबे, अटलबिहारी, एल रजक, संत कुमार गुप्ता, बिंदेश्वर शर्मा, कृष्णशिला में केके उपाध्याय, ककरी में आरएन यशर्मा, रामनरेश, जयंत में वीएन पांडेय, दुधीचुआ में एसपी सिंह, जीवन लाल, गोरबी में सीएल वर्मा आदि की अगुवाई में प्रदर्शन किया गया।