कोयला मंत्रालय के सचिव डॉ. अनिल कुमार जैन और संयुक्त सचिव विस्मिता तेज शुक्रवार को एनसीएल मुख्यालय पहुंचे। समीक्षा बैठक में कोयला सचिव डॉ. जैन ने राष्ट्र की ऊर्जा जरूरत के अनुरूप उत्पादन को बढ़ाने और पर्यावरणीय व सतत तरीके से कोयला प्रेषण करने पर जोर दिया। निगाही परियोजना में एनसीएल की महत्वाकांक्षी परियोजना 50 मेगावाट के सौर ऊर्जा संयंत्र की आधारशिला रखी। यह सौर परियोजना 129.35 हेक्टेयर भूमि पर स्थापित की जा रही है। एक वर्ष में नवीकरणीय तरीके से लगभग 94 मिलियन यूनिट बिजली तैयार होगी।
इस दौरान उन्होंने चुनौतीपूर्ण समय में एनसीएल के प्रदर्शन की सराहना की। बदलते ऊर्जा परिदृश्य के अनुरूप व्यावसायिक विविधता को अपनाने का आह्वान किया। बैठक में संयुक्त सचिव, कोयला विस्मिता तेज, सीएमडी एनसीएल भोला सिंह, निदेशक एसएस सिन्हा, मुख्य सतर्कता अधिकारी अमित कुमार श्रीवास्तव व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इसके पूर्व एनसीएल के मुख्यालय में शुक्रवार को डॉ. अनिल कुमार जैन को गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया। एनसीएल 273 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन कर नेट जेरो कंपनी बनने की दिशा में कार्य कर रही है।
निगाही खदान का किया निरीक्षण
डॉ. जैन व विस्मिता तेज ने एनसीएल की निगाही परियोजना के व्यू प्वाइंट से खदान का अवलोकन करते हुए ड्रैगलाइन, शॉवेल-डंपर संयोजन व सर्फेस माइनर की कार्य प्रणाली को देखा। इस दौरान एनसीएल आईआईटी बीएचयू इंक्यूबेशन सेंटर की टीम ने ड्रोन के माध्यम से अधिभार डंप पर सीड बॉल का छिड़काव किया। इस तकनीकी का उपयोग प्रभावी डंप पुनर्स्थापना के लिए किया जा रहा है।
जयंत की निर्माणाधीन सीएचपी को देखा
कोयला सचिव डॉ. अनिल कुमार जैन और संयुक्त सचिव विस्मिता तेज ने जयंत में निर्माणाधीन एफएमसी परियोजना की प्रगति का जायजा लिया । अतिरिक्त 15 मिलियन टन वार्षिक क्षमता के इस सीएचपी-साइलो का निर्माण कार्य मार्च 2023 तक पूरा होने की उम्मीद है। वर्तमान में एनसीएल में सीएचपी की वार्षिक क्षमता 70 मिलियन टन है। साथ ही अलग अलग परियोजनाओं में निर्माणाधीन सीएचपी व अन्य एफएमसी परियोजनाओं के पूरा होने पर वर्ष 2023-24 के अंत तक लगभग शत प्रतिशत उत्पादित कोयला पर्यावरण के अनुकूल और मशीनीकृत तरीकों से भेजा जा सकेगा।