सोनभद्र। जिले के विभिन्न इलाकों में बगैर मान्यता के ही दर्जनों कोचिंग सेंटर धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। अवैध ढंग से चल रहे कोचिंग सेंटरों में पर अंकुश लगाने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से टीमें बनाई गई है। लेकिन टीमें जांच के नाम पर खानापूर्ति कर इतिश्री कर लेती है। इस वजह से राजस्व को क्षति पहुंच रही है।
डीआईओएस कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार राबट्र्सगंज, ओबरा, चोपन, घोरावल, रेणुकूट, अनपरा, शक्तिनगर समेत अन्य शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मान्यता के करीब 130 सेंटर संचालित हो रहे हैं। इनमें अधिकांश सेंटर मानकों को पूरा नहीं कर रहे हैं। इनके अलावा राबट्र्सगंज समेत अन्य क्षेत्रों में बिना मान्यता के चार दर्जन से अधिक कोचिंग सेंटर बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं। सेंटरों में तैनात अधिकत्तर शिक्षक गुणवत्तायुक्त शिक्षा नहीं दे पा रहे है। अवैध ढंग से संचालित हो रहे सेंटरों को बंद कराकर संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से टीमेें गठित की जाती है। लेकिन अभी तक टीमों ने बगैर मान्यता एवं मानकों को अनदेखी कर संचालित होने वाले किसी कोचिंग सेंटर के विरूद्ध कार्रवाई नहीं की है। इससे साफ जाहिर होता है कि टीमें जांच के नाम पर कोरम अदायगी कर रही है। इस संबंध मेें जिला विद्यालय निरीक्षक फूलचंद्र यादव का कहना है कि जिन सेंटरों की शिकायत मिलती है उनकी जांच कराकर कार्यवाही की जाती है। अभी तक उनके संज्ञान में नियमों को दरकिनार कर सेंटरों के संचालित होने का मामला नहीं है। फिर भी इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।