सोनभद्र। भविष्य के लिए जल को सुरक्षित एवं प्रदूषण मुक्त रखना होगा। यह आह्वान सीएम योगी आदित्यनाथ ने भू-जल सप्ताह के समापन समारोह को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए अधिकारियों से किया। उन्होंने कहा कि जल संचयन, संरक्षण व संवर्धन का कार्य करें। थोड़ा-थोड़ा प्रयास जल के क्षेत्र में समृद्धि प्रदान करेगा।
सीएम ने कहा कि जल संचयन, संवर्धन के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने की जरूरत है। चेकडैम, तालाब, बाउली, मेड़बंदी आदि के कार्यों को बढ़ावा देकर भू-जल योजनाओं को साकार करें। जल संचयन के कार्यों में जन जागरूकता पैदा करके जल संकट से निजात के लिए जल संवर्धन बेहद जरूरी है। जल संरक्षण के लिए कदम से कदम मिलाकर शुद्ध पेयजल की उपलब्धता प्रदेशवासियों को मिलनी चाहिए। जल शक्ति विभाग ने 16 जुलाई से 22 जुलाई, 2020 तक का जो आयोजन किया, वह बेहतर कार्य है। इसके जरिए व्यापक रूप से जल के संचयन, संवर्धन व संरक्षण का जो कार्य किया गया है, वह बेहतर है। जल संचयन एक महत्वपूर्ण एवं प्राकृति संसाधन है। उत्तर प्रदेश बेहतर प्रदेश है, जहां जल संचयन के लिए भू-गर्भ जल व सरफेस वाटर की उपलब्धता है। बरसात के पानी को ज्यादा से ज्यादा संरक्षित किया जाय जिससे उत्तर प्रदेश शुद्ध पेयजल, सिंचाई तथा जल स्तर के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनें। उन्होंने रैन वाटर हार्वेस्टिंग पर जोर देते हुए कहा कि नई तकनीकी का भी इस्तेमाल करके जल संवर्धन का काम बेहतर तरीके से करें। वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र में जिलाधिकारी एस. राजलिंगम, सीडीओ अजय कुमार द्विवेदी आदि ने मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया।