मृतक आश्रित कोटे से तैनात महिला सफाई कर्मी को झांसा देकर रुपये लेने और वापस मांगने पर धमकी देने के आरोप में डीपीआरओ ने कोटास गांव के सफाई कर्मी को निलंबित कर दिया है। उसे निलंबन अवधि में एडीओ पंचायत कार्यालय से संबद्ध किया गया है। इस दौरान जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। मामले की विस्तृत जांच के लिए एडीपीआरओ प्राविधिक को नामित किया गया है। वह 15 दिनों में जांच कर अपनी रिपोर्ट देंगे।
आजमगढ़ जिले के पिपरी गांव निवासी आरती निषाद की नियुक्ति इसी वर्ष जनवरी में मृतक आश्रित कोटे से सफाई कर्मी पद पर सदर ब्लाक के बभनौली गांव में हुई थी। महिला का आरोप है कि सदर ब्लाक के ही कोटास गांव में तैनात उसके पैतृक गांव निवासी विवेक सिंह ने विभाग में ज्वाइनिंग कराने के बदले 60 हजार रुपये लिए। फिर बैंक में खाता खोलवाया, लेकिन उसका एटीएम, पासबुक अपने पास ही रखा। बैंक खाते से अपना मोबाइल नंबर लिंक करा दिया, जिससे कोई भी मैसेज सीधे उसके नंबर पर आता रहा। उसे बताया कि उसकी तनख्वाह 18 हजार रुपये है। इतना रुपया ही वह खाते से निकालती रही। इसी खाते से विवेक ने खुद लोन भी ले लिया। बाद में उसे इसकी जानकारी हुई तो उसने पूछताछ शुरू की। इस पर विवेक उसे धमकी देने लगा। महिला सफाई कर्मी की शिकायत पर डीपीआरओ ने इसकी जांच कराई। जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही प्रतीत होने पर विवेक सिंह को निलंबित कर दिया। डीपीआरओ विशाल सिंह ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच एडीपीआरओ प्राविधिक को सौंपा गया है।