अति पिछड़े चतरा विकास खंड को सालाें बाद भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र न मिलने से यहां के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को छोटे-छोटे मामलों में भी 25 से 45 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल जाना पड़ता है।
22 लाख की आबादी वाले जिले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से कुल नौ विकास खंड़ों में दस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। हालांकि करीब पौने दो लाख की आबादी वाले चतरा विकास खंड में सीएचसी नहीं है।
करीब दस वर्ष पूर्व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण शुरू किया गया था। हालांकि ज्यादातर धनराशि खर्च होने के बाद भी यह भवन अधूरा पड़ा हुआ है। ठेकेदार बीच में ही काम छोड़कर फरार हो गया।
जिसके बाद ब्लॉक क्षेत्र में सीएचसी के निर्माण को लेकर कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। ऐसे में लोगों को ब्लॉक पीएचसी से प्राथमिक उपचार के बाद रेफर होना पड़ता है। क्षेत्र की ग्रामीण जनता को इलाज के लिए 25 से 45 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज व जिला अस्पताल तक की लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
चतरा ब्लॉक सीएचसी के अधूरे निर्माण को लेकर पूर्व में पत्राचार किया गया है। आगे जो भी निर्देश मिलेंगे, उसके अनुसार कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी। ब्लॉक पीएचसी के जरिए लोगों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही है। -
डॉ. अश्वनी कुमार, सीएमओ।