सोनभद्र। पन्नूगंज थाना क्षेत्र निवासी किशोरी की खरीद फरोख्त के मामले में पुलिस ने 21 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल की है। कुल 21 पेज की चार्जशीट में सात लोग आरोपी बनाए गए हैं।
पन्नूगंज थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली एक किशोरी बीते 28 नवंबर की रात में करीब दस बजे संदिग्ध परिस्थितियों में घर से लापता हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने दस दिसंबर को केस दर्ज किया था। जांच के दौरान सामने आया कि क्षेत्र के ही कुछ लोगों ने किशोरी को राजस्थान में बेच दिया है। मामले में पुलिस ने 22 दिसंबर को रामपुर बरकोनिया के पटना निवासी संदीप जायसवाल (22), सिलथम निवासी अंकित पांडेय उर्फ सोनू (26), सच्चिदानंद पांडेय (55), कांशीराम आवास रॉबर्ट्सगंज निवासी नामवर कुशवाहा (55) और उनकी पत्नी विमला देवी (50) को गिरफ्तार किया था। वहीं रुपये देकर किशोरी को खरीदने वाले राजस्थान के रामपुर जोड़ा बस्ती निवासी विक्रम चंद्र सैनी और रलावता निवासी कमलेश जाट (50) को भी गिरफ्तार किया है। संदीप जायसवाल के कब्जे से लड़की को बेचने के 30 हजार और विमला देवी के कब्जे से 34 हजार रुपये बरामद हुए थे। मामले की विवेचना सीओ सदर को सौंपी गई थी। अब पुलिस ने तीन सप्ताह के भीतर मामले में विवेचना के बाद चार्जशीट दाखिल कर दिया है। 21 पेज की चार्जशीट में पीड़िता के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर संदीप जायसवाल पर दुष्कर्म की धारा बढ़ाई गई है। अंकित पांडेय, सच्चिदानंद पांडेय, नामवर कुशवाहा और उसकी पत्नी विमला देवी सहित पांच लोगों पर आपराधिक साजिश की धारा बढ़ी है। पाक्सो एक्ट में भी चार्जशीट है। इस बीच राजस्थान निवासी विक्रम चंद्र सैनी और कमलेश जाट ने न्यायालय में जमानत अर्जी दी। इसे पाॅक्सो कोर्ट ने खारिज किया है।