जिले में मनरेगा के तीन सौ करोड़ रुपये के घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने पांच सेक्रेटरियों और आठ प्रधानों को नोटिस भेज कर लखनऊ तलब किया है। बुधवार की रात त्रिवेणी एक्सप्रेस से सभी लखनऊ रवाना हो गए। उधर, सीबीआई के कड़ा रुख अख्तियार करने से सरकारी धन की बंदरबांट करने वालों में हड़कंप है।
जिले में वर्ष 2007 से 2010 के बीच मनरेगा के धन की बंदरबांट की गई थी।
कागजों पर कई चेकडेम, रपटा, पुलिया आदि का निर्माण दिखा कर करोड़ों रुपये हजम कर लिए गए। दर्जनों चेकडैमों का कार्य बगैर पूर्ण कराए ही धन निकाल लिया गया। इसकी शिकायत कुछ लोगों ने शासन स्तर पर की थी। लेकिन बसपा सरकार में धन का दुरुपयोग करने वालों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि मामला संज्ञान में आने पर उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने मनरेगा के धन की बंदरबांट की जांच सीबीआई को करने का निर्देश दिया।कोर्ट के आदेश पर सीबीआई कई पूर्व ब्लॉक प्रमुख, प्रधान, सेक्रेटरी और सप्लायरों से पूछताछ कर रिपोर्ट तैयार कर चुकी है।
सूत्रों की मानें तो सीबीआई ने राबर्ट्सगंज, चतरा और घोरावल के 12 से अधिक सेक्रेटरी और पूर्व प्रधानों को पूछताछ के लिए लखनऊ कार्यालय में बुलाया है। सीबीआई के तलब करने से सरकारी का धन दुरुपयोग करने वालों में खलबली मच गई है और बुधवार की रात कई सेक्रेटरी और पूर्व प्रधान लखनऊ के लिए रवाना हुए।बीआई ने जिन लोगों को तलब किया है, उनका गुरुवार को मोबाइल बंद रहा। इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र सिंह ने कहा कि सीबीआईने किस सेक्रेटरी और पूर्व प्रधान को तलब किया है, इस बारे में उनको सूचना नहीं दी गई है। पूर्व में भी सीबीआई कई लोगों को तलब कर पूछताछ कर चुकी है।