उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक अभियंता सीबी वर्मा के नेतृत्व में आई टीम ने शुक्रवार को बिल्ली-मारकुंडी में खनन एवं क्रशर प्लांटों के जरिए फैलने वाले प्रदूषण की स्थिति जानी।
इस दौरान मानकों के विपरीत खनन कार्य एवं क्रशर संचालन करने वालों की सूची तैयार की गई। इसके चलते पूरे दिन हड़कंप की स्थिति बनी रही। कई कई क्रशर प्लांट मालिक कामकाज ठप कर फरार हो गए।
सुबह करीब दस बले ओबरा थाना क्षेत्र के रास पहड़ी पहुंची टीम ने एक-एक खदानों और क्रशर प्लांटों की स्थिति जानी। सहायक पर्यावरण अधिकारी सीवी वर्मा और वैज्ञानिक सहायक वीवी मिश्रा ने बताया कि सभी क्रशर प्लांटों पर चारों ओर बाउंड्रीवाल, पानी का छिड़काव, पर्याप्त मात्रा में हरे वृक्ष, पक्की सड़कें, कन्वेयर सहित मशीनों पर टीन शेड होना चाहिए।
बताया कि दर्जन भर क्रशर प्लांटों का निरीक्षण किया गया है। सभी जगह मानक की अनदेखी मिली है। बताया कि मुख्य पर्यावरण अधिकारी (लखनऊ) स्वामी नाथ राम के निर्देश पर जांच की जा रही है।
जांच के उपरांत पूरी रिपोर्ट उन्हें उपलब्ध कराई जाएगी। कहा कि कुछ क्रशर प्लांट पर प्रदूषण नियंत्रण के लिए कार्य किए गए हैं, लेकिन ज्यादातर लोग इसके प्रति उदासीन बने हुए हैं। टीम में सहायक वैज्ञानिक अधिकारी प्रदीप कुमार विश्वकर्मा, अवर अभियंता कौशल कुमार शामिल रहे।