ओबरा सी थर्मल पावर कार्पोरेशन का निर्माण करा रही दुसान कंपनी के सह संविदाकार इंडवेल के निदेशक सहित तीन अफसरों पर कोर्ट ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। काशीनाथ प्रसाद के अधिवक्ता की ओर से दाखिल परिवाद पर एसीजेएम ने यह आदेश जारी किया है।
अधिवक्ता ने कोर्ट में दाखिल परिवाद में बताया था कि इंडवेल कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ओबरा तापीय परियोजना के सी प्लांट विस्तारीकरण में दुसान की सहायक कंपनी थी। इंडवेल ने स्थानीय स्तर पर केएन इंस्ट्रूमेंट फर्म के प्रोपराइटर काशीनाथ प्रसाद से कार्य कराया।
कार्य के सापेक्ष करीब 83 लाख रुपये हिसाब था। बकाया रुपये मांगने पर गाली गलौज और मारपीट पर उतारु हो गए। बगैर भुगतान के सामान लेकर जाने लगे। तब परियोजना ने काशीनाथ प्रसाद के प्रार्थना पत्र पर सामानों की निकासी रोक दी। बावजूद बकाया धनराशि नहीं दिया गया।
इस मामले में उपश्रमायुक्त कार्यालय पिपरी और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में मामला दर्ज कराया गया, मगर कोई सफलता नहीं मिली। अधिवक्ता ने काशीनाथ प्रसाद की ओर से याचिका सोनभद्र न्यायालय में प्रस्तुत की।
इस पर सुनवाई करते हुए एसीजेएम दीक्षी चौधरी की अदालत ने इंडवेल कंपनी के निर्देशक केवाई चक्रवर्ती, महाप्रबंधक जी श्रीनिवास राव और साइड इंचार्ज बीपी ज्ञानेश्वर पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने का आदेश ओबरा थाना को दिया है।