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Sonebhadra News: दो आरोपियों पर हत्या के लिए उकसाने और विश्वास तोड़ने का केस दर्ज

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कोतवाली क्षेत्र के धनौरा गांव में जलने से युवक की मौत के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है। उन पर विश्वास के आपराधिक हनन की धारा भी लगाई गई है। पुलिस का दावा है कि युवक ने आरोपियों को दस हजार रुपये दिए थे। इसी का बकाया न देने पर उसने खुद से ही आग लगाई थी। उधर, शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। वह शव लेकर बैढ़न चले गए।
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बैढ़न के कामे गांव निवासी विजय पुरी (35) कई वर्षों से धनौरा गांव में रहता था। उसे गंभीर रूप से झुलसे हाल में पुलिस दुद्धी सीएचसी लेकर पहुंची थी, जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां भी समुचित उपचार के प्रबंध न होने पर वाराणसी भेज दिया गया। रास्ते में उसकी मौत हो गई। अस्पताल में युवक ने लोगों को दिए बयान में तीन नाम लेते हुए बकाया रुपये मांगने पर पेट्रोल छिड़ककर जलाने की बात कही थी। हालांकि पुलिस ने जांच के बाद यह दावा किया है कि युवक ने खुद से आग लगाई थी। कोतवाली प्रभारी कुमुद शेखर सिंह ने बताया कि युवक ने गांव के कन्हैया, वीरेंद्र उर्फ बब्बन को दस हजार रुपये उधार दिए थे। वह यही रुपये मांग रहा था, लेकिन आरोपी वापस नहीं कर रहे थे। इससे विवश होकर उसने खुद से आग लगाई थी। बताया कि युवक के साला सलखन निवासी शिव गिरी की तहरीर पर इस मामले में कन्हैया और वीरेंद्र उर्फ बब्बन के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और विश्वास के आपराधिक हनन की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। मामले की छानबीन की जा रही है। उधर, बृहस्पतिवार की शाम दुद्धी सीएचसी लाए गए शव का शुक्रवार को दोपहर बाद पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद परिजनों को शव सौंप दिया गया। परिजन शव लेकर बैढ़न चले गए।

दो साल से घर नहीं गया था विजय
दुद्धी। पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे मृत युवक विजय पुरी की मां, बेटी व अन्य परिजन घटना से गहरे सदमे में थे। बड़ी बेटी खुशबू ने बताया कि पिता दो साल से घर नहीं गए थे। घर की सारी जमीन बेच दी थी। वह धनौरा तो कभी अन्यत्र ही रहते थे। करीब डेढ़ साल पहले उसने फोन पर पापा से घर आने को कहा तो उन्होंने उसे कड़ी डांट लगाई थी। इसके बाद से घर पर बात भी नहीं की। परिवार में मां, दादी और चार बहनें हैं। बताया कि दूर ही सही पिता जिंदा थे तो उनके लौटने की उम्मीद थी। अब यह उम्मीद टूट गई है। पूरे परिवार का भरण-पोषण अब गंभीर समस्या है। परिजनों का कहना था कि लंबे समय से संपर्क में न होने से घटना के कारणों को लेकर वह अनजान हैं।
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