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Sonebhadra News: दंपती समेत छह पर एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज

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विवादित मकान पर कब्जे के विवाद को लेकर अनुसूचित जाति की महिला ने दंपती समेत छह लोगों पर एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कराया है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। इससे पहले गत माह पुलिस ने आरोपी पक्ष की ओर से शिकायतकर्ता महिला पर भी केस दर्ज किया था। मामला रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के धर्मशाला रोड का है।
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धर्मशाला रोड निवासी लीलावती ने कोर्ट में प्रस्तुत प्रार्थना पत्र में बताया कि वह अनुसूचित जाति की महिला है। ओबरा निवासी शमीम अहमद ने उसे धर्मशाला स्थित मकान दान में दिया है। गत 24 दिसंबर की शाम इस मकान में प्रवेश के पूर्व वह अपनी बेटी इंद्रावती व सगे संबंधी अजय भारती आदि के साथ मकान के बगल में स्थित हनुमान मंदिर पर पूजा कर रहे थे। उसी समय दूसरे पक्ष के राजकुमार आदि आए और जाति पूछकर मारपीट करने लगे। जाति सूचक गाली दी गई। पुलिस में शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो कोर्ट की शरण ली।
कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने रुक्मिणी, राजकुमार, उसकी पत्नी सोनिया, बेटी, अभिषेक और राजेश पर मारपीट और एससी-एसटी का केस दर्ज किया है। बता दें कि इस मामले में रुक्मिणी केशरी की ओर से भी पूर्व में केस दर्ज कराया गया था। उन्होंने जनवरी को एसपी को प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि अप्रैल 2010 में उसने मकान बैनामा लिया था, जिसका नाम भी खतौनी में दर्ज है।
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पति की मौत के बाद साजिश के तहत सूरजमणि ने घोरावल के बड़ागांव निवासी अभिषेक सिंह और आर्यनगर निवासी आशुतोष के पक्ष में 13 सितबंर 2024 को बैनामा लिख दिया। शिकायत पर दबाव बनाने के लिए अभिषेक और आशुतोष ने ओबरा के शमीम अहमद को उसी जायदाद का 28 नवंबर को धोखे से बैनामा तैयार करा दिया।
शमीम ने उत्पीड़न के मकसद से कोर्ट के स्टे आदेश के बावजूद एससी वर्ग की लीलावती के पक्ष में दानपत्र तैयार कर दिया, जिससे वह उनका उत्पीड़न कर सके। रुक्मिणी देवी की इस तहरीर पर पुलिस ने सूरज मणि, अभिषेक, आशुतोष, शमीम अहमद और जमीन दान लेने वाली लीलावती पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया था।
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