सदर कोतवाली पुलिस ने कोर्ट के निर्देश पर धोखाधड़ी के मामले में एक फाइनेंस कंपनी के एरिया मैनेजर समेत कुल तीन लोगों पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
ओबरा थाना क्षेत्र के चूड़ी गली निवासी तुलसी दास अग्रहरी ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उसने दिसंबर 2014 में एक टीपर लिया था। उसने चोला मंडलम इनेवेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी लिमिटेड राबर्ट्सगंज शाखा से वाहन फाइनेंस कराया था। कंपनी के नियम के अनुसार अक्तूबर 2017 तक वह प्रत्येक माह किश्त जमा करता रहा। इसी बीच वह बीमार हो गया, जिससे वह तीन किश्त जमा नहीं कर सका। आरोप है कि 29 अक्टूबर 2017 वाहन माल लोड करने के लिए ओबरा से चलकर राबर्ट्सगंज पहुंचा। इसी बीच धर्मशाला चौक पर कंपनी के शाखा प्रबंधक रूपेश शुक्ला ने वाहन को जबरदस्ती रोक कर ड्राइवर से चाभी छीन लिया। वाहन को प्रबंधक कार्तिक आटो मोबाइल लिमिटेड ममुआ में यार्ड में ले जाकर खड़ा कर दिया। ड्राइवर सज्जन अग्रहरी से जब्ती के कागजात पर हस्ताक्षर भी बनवा लिए। कंपनी के शाखा प्रबंधक व एरिया मैनेजर ने कहा कि बकाया किश्त जमा कर गाड़ी छुड़ा लेना, मगर जब वो गाडी छुड़ाने के लिए पैसा जमा करने राबर्ट्सगंज शाखा प्रबंधक रूपेश शुक्ला के पास गया तो रूपेश वाहन की किस्त जमा न कर टाल मटोल करते रहे। बाद में एक माह बाद शाखा प्रबंधक व एरिया मैनेजर ने कहा कि गाड़ी नीलाम कर दी गई है। आरोप है कि वाहन को शाखा प्रबंधक, एरिया मैनेजर और यार्ड मालिक मिली भगत से चलवा रहे हैं। कोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने चोलो मंडलम इंवेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी के शाखा प्रबंधक रूपेश शुक्ला, एरिया मैनेजर और कार्तिक आटोमोबाइल ममुआ के विरुद्ध छल-कपट, कूटरचना, कूट रचित दस्तावेज तैयार करने सहित कई अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।