सोनभद्र। राबर्ट्सगंज कोतवाली के विरधी गांव (चतरा ब्लाक) में शुक्रवार को मनरेगा श्रमिकों ने उनके खातों में पारिश्रमिक भेजने की बजाय दूसरे के खातों में धनराशि भेजने सहित अन्य आरोप लगाते हुए खंड विकास अधिकारी व ग्राम विकास अधिकारी का घेराव कर प्रदर्शन किया। सूचना पर पुलिस पहुंचने के बाद ग्रामीण वहां से हटे। ग्राम पंचायत विकास अधिकारी कुमारी शिल्पा सिंह की तहरीर पर राबर्ट्सगंज कोतवाली में पांच लोगों के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान सोशल डिस्टेंस का ध्यान न रखने, श्रमिकों को मनरेगा का काम करने से रोकने, बीडीओ व वीडीओ का घेराव करने सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है।
खंड विकास अधिकारी चतरा निरंकार मिश्रा के मुताबिक विरधी गांव में वह लोग मनरेगा के तहत चल रहे काम के निरीक्षण के लिए गए हुए थे। तभी काफी संख्या में ग्रामीण पहुंच गए और काम कर रहे मजदूरों को रोकते हुए पारिश्रमिक की रकम दूसरे के खाते में भेजने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन करने लगे। उन्होंने उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं माने और उनका तथा ग्राम विकास अधिकारी शिल्पा का घेराव कर नारेबाजी शुरू कर दी। कोराना का हवाला देते हुए उनसे निर्धारित नियमों का पालन करने का अनुरोध किया गया लेकिन हंगामा कर रहे लोग कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हुए। स्थिति गंभीर होते देख पुलिस को जानकारी दी गई। पुलिस पहुंची तब लोग शांत हुए। कार्यस्थल पर मजदूरों को काम करने से रोकने, सोशल डिस्टेंशिंग का पालन न करने, सरकारी काम में बाधा डालने, सरकारी अधिकारी-कर्मचारी का घेराव करने के आरोप में ग्राम विकास अधिकारी की तरफ से पुलिस को तहरीर दी गई है। उधर, प्रभारी निरीक्षक राबर्ट्सगंज मिथिलेश मिश्रा ने बताया कि ग्राम विकास अधिकारी की तहरीर पर जोखन, अर्जुन, अनीता, गणेश विश्वकर्मा, सूर्यमणि के खिलाफ केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई है।