थानों में बंद वाहनों को फर्जी आर्डर के जरिए रिलीज कराने के मामले में डीएम की सख्ती के बाद परिवहन विभाग हरकत में आया है। रविवार को एआरटीओ प्रशासन ने अलग-अलग थानों में 50 वाहन स्वामियों व चालकों के खिलाफ प्रार्थना पत्र दिया। सबसे ज्यादा मामले चोपन और म्योरपुर थाने के हैं। अभी कई अन्य वाहन स्वामियों पर भी कार्रवाई की जानी है। तहरीर के आधार पर पुलिस केस दर्ज कर छानबीन में जुट गई है।
जिले के विभिन्न थानों में ओवरलोडिंग, खनिज शुल्क, वाणिज्य कर की चोरी सहित अन्य मामलों में बंद कराए गए वाहनों को परिवहन विभाग के फर्जी आदेश से रिलीज कराने का मामला सामने आने के बाद महकमे में खलबली मची हुई है। मुख्यालय स्तर पर मामला पहुंचने के बाद से प्रशासन और परिवहन विभाग के अफसर गंभीर हैं। मिर्जापुर के आरटीओ प्रशासन और प्रवर्तन की ओर से अलग-अलग पत्र जारी कर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए जा चुके हैं। अपर आयुक्त की ओर से भी नाराजगी जताई गई। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। सोमवार को बैठक में डीएम ने एआरटीओ को तत्काल मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया। इसके बाद मंगलवार को हरकत में आए एआरटीओ प्रशासन ने 50 वाहन स्वामियों और चालकों के खिलाफ तहरीर दी। चोपन थाने में 29, म्योरपुर में 16, बभनी में चार सहित कुल 50 मुकदमे दर्ज हुए हैं। अन्य स्थानों की भी सूची तैयार कराई जा रही है। चोपन एसओ केके सिंह ने बताया कि एआरटीओ प्रशासन पीएस राय की तहरीर पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।