न्यायालय के आदेश के बावजूद अवैध कब्जा न हटाने और कोर्ट अमीन के साथ पुलिस के कार्य में बाधा डालने से जुड़े मामले में सदर कोतवाली पुलिस ने मेडिकल स्टोर संचालक समेत पूरे परिवार पर केस दर्ज किया है। तीन सदस्य नामजद किए गए हैं। यह कार्रवाई जनपद न्यायालय के अमीन की तहरीर पर की गई है।
किराये पर दिए गए भवन में कब्जा करने और अवैध रूप से निर्माण के मामले में कोर्ट ने 25 वर्ष पूर्व आदेश पारित किया था। आदेश न मानने पर पीड़ित पक्ष की ओर से अपर सिविल जज जूनियर डिविजन में इजरा वाद दाखिल किया था। गत 26 अप्रैल को न्यायालय ने विचाराधीन इजरा वाद में आदेश पारित कर वास्तविक मालिक को कब्जा दिलाने का आदेश दिया था। आठ मई को कोर्ट अमीन भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। दोपहर दो बजे से रात 11 बजे तक चले प्रयास के बाद भी कब्जा खाली नहीं कराया जा सका।
मामले में न्यायालय की ओर से 10 मई को पुन: सुनवाई की गई। अदालत अमीन ने तहरीर में बताया कि कोर्ट के आदेश के अनुपालन में बेदखली की कार्रवाई के लिए वह पहुंचे थे। कब्जे की कार्रवाई प्रारंभ करते हुए दूसरे पक्ष के कृष्णमुरारी, गोपाल पुराण व भोलानाथ को न्यायालय आदेश से अवगत कराते हुए भवन खाली करने को कहा गया। लिकिन उन्होंने दुकानें खाली करने से मना कर दिया। मौजूद पुलिस बल ने सामान हटवाना शुरू किया तो उनके परिवार के पुरुष व महिला सदस्यों ने अवरोध उत्पन्न किया। इस कारण बेदखली की कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने न्यायालय और पुलिस के कार्य में बाधा बनने के मामले में कृष्णमुरारी, गोपाल पुराण व भोलानाथ समेत उनके परिवार के पुरुष व महिला सदस्यों पर केस दर्ज किया गया है।