जिले की विभिन्न सड़कों पर मानक को धता बताकर वाहनों का संचालन किया जा रहा है। जिस टेंपो में सिर्फ पांच यात्रियों के बैठने की जगह है, उनमें नौ से 10 यात्रियों को बैठाकर सड़कों पर दौड़ाया जा रहा है।
अप्रशिक्षित और नाबालिगों के वाहन चलाने से आए दिन हादसे हो रहे हैं। शुक्रवार को पन्नूगंज थाना क्षेत्र के बेलौड़ी गांव के पास क्षमता से अधिक सवारी बैठाए जाने से ऑटो पलटने से मां-बेटे की मौत हो गई थी।
पांच सीटर के टेंपो में नौ से अधिक सवारियां बैठाई गई थीं। जिला मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज में वाहनों को खड़ा करने के लिए स्थाई स्टैंड नहीं है। ऐसे में जहां तहां टेंपो एवं अन्य वाहनों को खड़ा करके सवारियां भरी जा रही है।
रॉबर्ट्सगंज नगर में बढ़ौली चौक के पास, नवीन सब्जी मंडी के पास, महिला थाना के पास, रामसरोवर तालाब, धर्मशाला चौक और चंडी होटल समेत अन्य स्थानों पर टेंपो संचालक सवारियों को बैठा रहे हैं।
पिकअप से ढोई जा रही सवारी
जिले के सुदूर इलाकों में पिकअप से सवारियों को ढोया जा रहा है। पिकअप से सवारी करने वाला एक व्यक्ति खड़े होकर सफर करता है। रेणुकापार क्षेत्र में आवागमन का मुख्य साधन ही पिकअप हैं। अनपरा के ढाब क्षेत्रों में भी पिकअप में मजदूरों के साथ ही सवारियों को ढोया जा रहा है। शासन की तरफ से पिकअप से सवारियों को ढोए जाने पर रोक है। मगर इसका असर नहीं दिख रहा है।
लगातार अभियान चलाकर क्षमता से अधिक सवारी बैठाने पर वाहनों का चालान किया जा रहा है। साथ ही चालकों को यातायात नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत दी जा रही है।
- विनोद यादव, यातायात प्रभारी।