रॉबर्ट्सगंज कोतवाली और एसओजी की टीम ने ओडिशा के कालाहांडी से दिल्ली के बौद्ध विहार इलाके के लिए गांजा तस्करी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया। रविवार की रात दो तस्करों बिरेस और गोविंद को गिरफ़्तार कर लिया।
आयशर कंपनी के मालवाहक वाहन में लोहे की चादर से बनाए गए गुप्त केबिन से सात बोरियों में रखा 1.10 करोड़ (2.20 क्विंटल) का गांजा बरामद किया गया।
पूछताछ में गिरोह के तार दिल्ली से ओडिशा तक फैले पाए गए हैं। रैकेट का संचालन दिल्ली से किए जाने की जानकारी मिली है। सरगना सहित गिरोह के अन्य तस्करों के बारे में जानकारी जुटाने के साथ ही ओडिशा से दिल्ली के बीच इस गिरोह के किन-किन जनपदों से तार जुड़े हैं इसके बारे में भी जानकारी की जा रही है।
एसपी अभिषेक शर्मा ने सोमवार की दोपहर पुलिस लाइन में बताया कि ऑपरेशन शुद्धि के तहत मादक पदार्थ तस्करी पर नजर रखी जा रही है। प्रभारी निरीक्षक रॉबर्ट्सगंज धर्मेंद्र सिंह और एसओजी प्रभारी इंस्पेक्टर रामस्वरूप वर्मा की अगुवाई वाली टीम एक के पास चेकिंग कर रही थी। सूचना मिली कि हिंदुआरी तिराहे के पास आयशर कंपनी का एक छह पहिया वाहन खड़ा है और उसमें दो संदिग्ध व्यक्ति हैं। टीम ने दोनों को दबोच लिया। एक ने अपना नाम बदायूं जिले के ओसावां थाना क्षेत्र के अद्दरमई निवासी बिरेस और दूसरे ने आसोवा थाना क्षेत्र के मियारी-अभिबांव निवासी गोविंद होने की जानकारी दी। तलाशी में वाहन में बने गुप्त केबिन में सात बोरियों में रखा 2.20 कुंतल गांजा बरामद हुआ।
दिल्ली में करते थे आपूर्ति
एसपी के अनुसार, आरोपियों ने बताया कि वह दिल्ली में गांजा तस्करी करने वाले लोगों के लिए गांजा लाते थे। उन्हें दिल्ली के एक व्यक्ति ने धन उपलब्ध कराया था। रुपये लेकर वे ओडिशा के सुंदरगढ़-कालाहांडी क्षेत्र पहुंचे थे। वहां उनकी मुलाकात कालाहांडी निवासी व्यक्ति से हुई थी जिसने गांजा लोड करवाया। इसकी आपूर्ति दिल्ली के बौद्ध विहार इलाके में की जानी थी।
कोरोना के बाद बना नेटवर्क
दिल्ली के बुद्ध विहार इलाके में कोराना काल के समय दूसरे राज्यों से गए लोग गांजा तस्करों के संपर्क में आ गए। पकड़े गए आरोपी सोनभद्र के रास्ते गांजे की खेप कई बार दिल्ली पहुंचा चुके हैं। आरोपियों के पास से पहले की कई टोल पर्चियां मिली हैं। पिछले वर्ष अप्रैल में दिल्ली के बुद्ध विहार इलाके में सक्रिय बिहार के शिवहर निवासी उमेश साहनी को पकड़ा गया था। उस समय पता चला था कि तस्करों का नेटवर्क ओडिशा से गांजा मंगवाकर दिल्ली व दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग इलाके में खरीदारों को देता है। आरोपी ने बताया कि कोराना काल में जब उसका मछली बिक्री का काम ठप हो गया तो उसने गांजे की तस्करी शुरू की। दिल्ली के मंगोलपुरी, सुल्तानपुरी और बेगमपुर इलाके से भी तस्करी के तार जुड़े होने की बात सामने आई थी।
पकड़े गए आरोपियों के पास से पूर्व की टोल पर्चियां भी बरामद हुई हैं। इन पर्चियों का संबंध तस्करी से तो नहीं, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। पूछताछ में दिल्ली और ओडिशा के लोगों के गिरोह में शामिल होने की बात सामने आई है। स्थानीय स्तर पर भी कोई व्यक्ति इससे जुड़ा है या नहीं? पता लगाया जा रहा है। कामयाबी पाने वाली टीम को 10 हजार का इनाम भी दिया जा रहा है। - अभिषेक वर्मा, एसपी।