शुभम जायसवाल, भोला प्रसाद और अमित सिंह टाटा।
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बुधवार को उसे कड़ी सुरक्षा के बीच विशेष न्यायाधीश की अदालत में पेश किया। पुलिस की ओर से पूछताछ के लिए 14 दिनों की रिमांड पर देने का अनुरोध किया गया, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया। रिमांड मिलते ही पुलिस भोला से पूछताछ में जुट गई है।
सोनभद्र एसआईटी के अलावा एसटीएफ और एसआईटी वाराणसी सहित अन्य जिलों की टीम भी पहुंची थी। सभी टीम ने अलग-अलग भोला से पूछताछ कर कफ सिरप की तस्करी के धंधे से जुड़ी जानकारियां जुटाई। इसके आधार पर टीमें आगे की कार्रवाई में जुट गई हैं।
अंतरराज्यीय गिरोह का सरगना शुभम जायसवाल।
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शुभम-विष्णु को असल गुनहगार बताता रहा भोला
पूछताछ में भोला जहां एक तरफ शैली ट्रेडर्स के पजीयन, उसके जरिए किए जाने वाले वित्तीय लेन-देन के लिए चेक-कागजातों, सिरप आपूर्ति से जुड़े प्रपत्रों पर हस्ताक्षर की बात स्वीकार करता रहा। वहीं खुद को निर्दोष होने की बात कहते हुए सरगना शुभम और चार्टर्ड एकाउंटेंट विष्णु को असल गुनहगार बताने में लगा रहा। एसपी ने बताया कि पूछताछ में भोला का कहना है कि फर्म उसके नाम से पंजीकृत है लेकिन उसका संचालन बेटा शुभम करता था। नकली बिलिंग, फर्जी लेन-देन संबंधी सभी गतिविधियां शुभम ही कर रहा था।