सोनभद्र । पिछले पांच महीने से चल रही कोराना की मार ने व्यवसाय को चौपट करके रख दिया है। औंधे मुंह गिर रहे मोटर व्यवसाय के चलते व्यवसायी बेचैन हो उठे हैं। लॉकडाउन खुलने के बाद वाहन खरीद में तेजी आई लेकिन बिगड़ते हालत ने लोगों ने वाहनों के शोरूम से दूर करना शुरू कर दिया है। राबटर्सगंज में बाइक एजेंसी के संचालक रमेश सिंह पटेल ने बताया कि हालात बहुत खराब हैं। शोरूम खुलने के बावजूद बिक्री में करीब आधे की गिरावट आ गई है। जो हालात हैं उसमें बहुत बेहतरी की उम्मीद नहीं दिख रही। दुद्धी में बाइक एजेंसी का संचालन करने वाले सुरेंद्र गुप्त बताते हैं मकान का भाड़ा, कर्मियों का वेतन समय से देना मुश्किल होने लगा है। बैंक, बिजली आदि की देनदारी परेशानी बनी हुई है सो अलग। लॉकडाउन के बाद कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित होने से दुद्धी में कई दिन तक दुकानें बंद रहीं। इसके चलते मार्च से लेकर अब तक वह कुल 60 वाहनों की ही बिक्री कर पाए हैं। ओबरा में बाइक एजेंसी का संचालन करने वाले अजीत सिंह ने कहा कि हर छोटे बड़े व्यवसाय पर मंदी की मार पड़ी है। लाकडाउन से पूर्व और अब की बिक्री में 50 प्रतिशत से ज्यादा का असर पड़ा है। लाकडाउन से पूर्व जहां प्रतिमाह 70 से 80 गाड़ियां बिकती थीं। अब वह प्रतिमाह 40 से 45 पर आ गई हैं। घोरावल में बाइक एजेंसी के संचालक महेंद्र सिंह यादव ने बताया कि कोराना की मार ने वाहनों का व्यवसाय पूरी तरह चौपट हो गया है। उनके यहां मार्च महीने से अब तक सिर्फ 12 मोटरसाइकिलें बिकी हैं। इससे पहले हर माह 80 गाडिय़ां बिक जाती थीं। रेणुकूट के मुर्धवा में कार के शोरूम का संचालन करने वाले अतुल पांडेय ने बताया कि पिछले वर्ष मार्च से जुलाई के बीच 212 गाडय़िां बिकी थी। इस वर्ष यह आंकड़ा मुश्किल से 180 तक पहुंच पाया है। कोराना के मार के चलते वाहनों के बारे में जानकारी के लिए लोगों का आना करीब-करीब बंद ही हो गया है।