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तेरी दहलीज पर बेखबर आ गया

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शक्तिनगर। एनटीपीसी विंध्याचल में सोमवार शाम तुलसी दास की जयंती पर आयोजित आनलाइन काव्य संध्या में कई प्रदेशों के कवियों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर रामचरित मानस के रचियता महाकवि के जीवन पर प्रकाश डाला। इस मौके पर योगेंद्र मिश्र द्वारा ने तेरी दहलीज पर बेखबर आ गया, मुझको आना नहीं था, मगर आ गया। सुनाकर वाहवाही बटोरी। कार्यक्रम के शुरू में महाप्रबंधक (मानव-संसाधन) उत्तम लाल ने कवियों एवं कवित्रियों को बधाई दिया। कार्यकारी निदेशक विंध्याचल मुनीश जौहरी ने अपने उद्बोधन में ऑनलाइन के माध्यम से जुड़े कवि एवं कवित्रीयों को बधाई दिया। गोष्ठी का शुभारंभ मानिक चंद पाण्डेय विभागाध्य हिंदी विद्यापीठ शक्तिनगर ने तुलसी दास के जीवनी पर वृहद प्रकाश डाला और उनसे संबंधित कविता पढ़ कर किया। पंकज कुमार श्रीवास्तव, उप प्रबंधक (हिन्दी) एनसीएल पानी पंकज पाण्डेय जी नें तुलसी दास जी पर कविता ’’ दुख में ना संताप करें, ज्यो सुख में ना अभिमानी है, पौरुष का पर्याय वही है, रामचन्द्र का सानी है को सुनाकर सभी को आनंदित कर दिया। सहायक प्रबंधक (वित्त) एनटीपीसी विंध्याचल की अमिता नें मै तुझे भूलाकर आई हूं कविता से लोगो का दिल जीत लिया। सुजान तिवारी, सहायक प्रबंधक (मानव संसाधन) नेहरू शताब्दी चिकित्सालय जयंत कोरल वर्मा, वरिष्ठ प्रबंधक (एनटीपीसी मेजा) मुरली मनोहर श्रीवास्तव नें भी कई कविताएं सुनाईं। सत्य जीतता है जब भीड़ पर चौराहे पर शंखनाद कर, कोई हमारी सोई हुई अंतरात्मा को जगाता है कविता को सुनकर सभी का दिल जीत लिया। एसडीओ फॉरेस्ट रेणुकूट मनमोहन मिश्रा, नागेश सांडिल्य, डॉ. धर्म प्रकाश मिश्र ने भी कविताएं सुनाईं।
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