शक्तिनगर में होटल व दुकान ध्वस्तीकरण के वक्त पुलिस एसडीएम शैलेंद्र मिश्रा और फोर्स।
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शक्तिनगर। स्थानीय बस स्टैंड के पास एनसीएल की जमीन पर करीब दस विस्वा में निर्मित पूर्व जिला पंचायत सदस्य मुनीब गुप्ता के तीन मंजिला होटल व दुकानों को प्रशासन ने बुधवार को ध्वस्त करा दिया। हाईकोर्ट के आदेश पर मुक्त कराई गई संपत्ति की कीमत करीब पांच करोड़ रुपये है। भारी फोर्स के साथ भोर में ही डटी पुलिस-प्रशासन की टीम ने कार्रवाई शुरू कर दी। करीब चार घंटे बाद अवैध कब्जा हटाया जा सका। कार्रवाई एसडीएम शैलेंद्र मिश्रा व सीओ प्रदीप सिंह चंदेल की मौजूदगी में सुबह पांच बजे के करीब शुरू हुई। नौ बजे तक अतिक्रमण कर बनाए गए होटल व दुकानों की जगह पूरी तरह साफ हो गई। इस दौरान दो पोकलेन मशीनें, चार जेसीबी, क्रेन, फायर ब्रिगेड सहित अन्य संसाधनों को लगाया गया था। ध्वस्तीकरण के लिए आधी रात के बाद पुलिस ने अपना काम शुरू कर दिया। इसी के बाद मशीनों का मूवमेंट शुरू हो गया। सुबह आसपास के रहवासी जगे तो देखा पूरा क्षेत्र छावनी में तब्दील है और मशीनें अपना काम कर रहीं है। पुलिस ने वाराणसी-शक्तिनगर मुख्य मार्ग को अवरुद्ध कर वाहनों की आवाजाही रोक दी थी। यह इसलिए किया गया कि मुख्य मार्ग के किनारे स्थित होटल व दुकानों को तोड़ते वक्त मशीनों के संचालन में बाधा उत्पन्न ना हो। तमाशबीन बने लोगों को पुलिस ने कई बार एनाउंस कर मौके से हटाया। शक्तिनगर : थाना क्षेत्र के बस स्टैंड मार्केट में मुख्य मार्ग समीप बना होटल व दुकानें एनसीएल खड़िया परियोजना की भूमि पर कब्जा कर बनाई गई थी। निर्माण को अवैध साबित करने में एनसीएल के अधिकारियों को सालों लग गए। कब्जा सिद्ध होने के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के लिए दो बार समय तय किया गया लेकिन अलग अलग कारणों से यह टाला जाता रहा। इसके पीछे कब्जा करने वाली की पहुंच चर्चा में रही।
सोनभद्र के शक्तिनगर में पूर्व जिला पंचायत सदस्य के होटल को तोड़ती पोकलेन मशीन।- फोटो : SONBHADRA