सोनभद्र। लघु सिंचाई विभाग की ओर से नि:शुल्क बोरिंग और गहरी बोरिंग योजना के तहत किसानों को सिंचाई का लाभ देने के लिए चयनित किया गया है। नि:शुल्क योजना में 49 और गहरी योजना में 14 बोरिंग का लक्ष्य तय किया गया है। लेकिन अब तक दोनों योजना का बजट न मिलने से किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में लघु सिंचाई विभाग को 49 नि:शुल्क बोरिंग का लक्ष्य मिला है। इसी तरह गहरी बोरिंग योजना के तहत विभाग को 14 गहरी बोरिंग का लक्ष्य मिला था। दोनों की धनराशि के अभाव में लटकी है। विभागीय कर्मचारियों की मानें तो दोनों योजनाओं के लिए किसानों का चयन कर लिया गया है लेकिन अभी बजट का इंतजार ही किया जा रहा है। योजनाओं के लाभ के लिए किसानों का चयन ब्लॉक स्तर पर होता है। नि:शुल्क बोरिंग योजना से 10 से 20 हेक्टेयर खेत की सिंचाई होती है। वर्ष 2019-20 में 19 नि:शुल्क बोरिंग का लक्ष्य था और सभी लक्ष्य पूरा आ। इस योजना में सिर्फ 100 फिट की बोरिंग होती है। यह योजना पठारी क्षेत्रों में सफल नहीं है। नि:शुल्क बोरिंग योजना के लिए सामान्य जाति के लघु सीमांत कृषकों को सात हजार, अनुसूचित जाति के किसानों को 10 हजार का अनुदान मिला है। गहरी बोरिंग योजना में एक लाख का अनुदान सभी किसानों को है। इसमें 64 हजार रुपये विद्युतीकरण व 10 हजार नाली निर्माण पर है। एक लाख 78 हजार रुपये अनुदान प्राप्त होता है। वर्ष 19-20 में छह गहरी बोरिंग का लक्ष्य था जो पूर्ण हो गया। 20-21 में गहरी बोरिंग योजना का लक्ष्य 14 का है लेकिन धनराशि नहीं मिली है। लघु सीमांत कृषकों के लिए बनी इन योजनाओं का लाभ किसानों को सरकार की ओर से धन न आने के नाते नहीं मिल पा रहा है। इस बाबत लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता संजय शर्मा ने बताया कि बोरिंग के लिए प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। बजट आने का इंतजार किया जा रहा है।