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Sonebhadra News: 40 घंटे बाद मिले मुक्खा फाल में डूबे भाइयों के शव

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घोरावल। बेलन बीयर बांध का फाटक खोले जाने से मुक्खा फाल पर पानी की तेज धारा में बहे दोनों युवकों का शव 40 घंटे बाद मंगलवार को बरामद कर लिया गया। हादसे वाले स्थान से कुछ दूरी पर दोनों शव मिले। शव मिलने के साथ ही उनके जिंदा बचने की परिवारीजनों की उम्मीद भी टूट गई। उनका रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।
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रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के नई बाजार बिरधी निवासी राहुल पटेल (22) अपने मौसेरे भाई इंद्रजीत पटेल उर्फ रोहित (23), रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के बढ़ौली गांव निवासी ममेरे भाई विशाल पटेल (22) और पंवर गांव निवासी रिश्तेदार शिवम पटेल (21) के साथ रविवार को करीब 4 बजे मुक्खा फाल पर पिकनिक मनाने के लिए गए थे। खाना बनाते हुए रात हो गई। चारों युवक पानी से घिरे चट्टान पर बैठ कर भोजन करने लगे। रात करीब 11 बजे अचानक बेलन बीयर बांध के फाटक खोल दिए गए। काफी मात्रा में जल स्तर बढ़ता देख उन्हें खतरे का आभास हुआ। इसके बाद सभी युवक तैर कर पानी की धारा पार करने लगे। शिवम पटेल और विशाल पटेल किसी तरह सुरक्षित बाहर निकल गए, लेकिन राहुल पटेल और इंद्रजीत पटेल तेज धारा में बह गए। सोमवार की सुबह घटना की जानकारी होने पर पुलिस ने खोजबीन शुरू की। पूरे दिन तलाश के बाद भी सफलता नहीं मिली। मंगलवार को एसडीआरएफ की टीम ने फिर से तलाशी अभियान शुरू किया। दोपहर करीब 12 बजे घटनास्थल से लगभग 700 मीटर दूर इंद्रजीत पटेल का शव मिला। इसके बाद पास में ही कुछ आगे करीब साढ़े तीन बजे राहुल पटेल का शव बरामद हुआ। शव मिलने के साथ ही परिजनों की रही सही उम्मीदें भी खत्म हो गई। शव देखकर दोनों युवकों के परिजनों में कोहराम मच गया। प्रभारी निरीक्षक शिवप्रताप वर्मा ने बताया कि मुक्खा फाल की धारा में बहे राहुल पटेल और इंद्रजीत पटेल के शव मंगलवार को बरामद किया गया। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए मर्चरी हाउस में भेज दिया गया है।

हमें बचा लो दोस्त... खतरे में है हमारी जान
घोरावल। दोस्त! हम लोगों को बचा लो। हम सभी की जान खतरे में है। अगर 20-30 मिनट में हम लोगों को मदद नहीं मिली तो हम लोगों की जान जा सकती है। मुक्खा फाल पर हुए हादसे में जान गंवाने वाले राहुल पटेल ने घटना के करीब आधे घंटे पहले गांव में अपने दोस्त को मोबाइल पर फोन किया था, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। जानकारी होने पर देर रात उसके दोस्त भी घटना स्थल पर पहुंचे लेकिन राहुल और इंद्रजीत पानी की तेज धार में बह गए थे।
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मुक्खा फाल पर हुए इस हादसे में जान गंवाने वाले राहुल पटेल और इंद्रजीत पटेल की जान बच सकती थी। बताया गया कि देर शाम जब राहुल, इंद्रजीत, शिवम और विशाल पानी से घिरे चट्टान पर खाना खा रहे थे, उसी समय धीरे धीरे जलस्तर बढ़ना शुरू हुआ था, मगर वह यह सोचते रहे कि अभी जल स्तर कम हो जाएगा। जब फाटक खुलने पर तेज धारा के साथ जल स्तर बढ़ा तो उन लोगों को अधिक खतरा महसूस हुआ। शिवम और विशाल कपड़े उतार कर नदी को पार करने लगे, जबकि जींस पहने राहुल और इंद्रजीत उसी तरह पानी में उतर गए और तेज धारा में बह गए। बेलन बीयर का फाटक खुलने के पहले अगर वे पार करते तो उनकी जान बच सकती थी। मुक्खा फाल पर मोबाइल नेटवर्क खराब होने से भी उन्हें मदद मिलने में मुश्किलें आई। सूत्रों की मानें तो उन लोगों ने कुछ जगहों पर फोन भी लिया लेकिन डर के कारण घर परिवार को फोन नहीं किया। अगर समय से परिजनों को फोन करते तो भी मदद मिल सकती थी। मुक्खा फाल पर सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी और फाटक खुलने की पूर्व सूचना घटना के महत्वपूर्ण विचारणीय पहलू हैं।
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