सोनभद्र। यूपी बोर्ड की परीक्षा में जिले और प्रदेश की मेरिट सूची में जगह पाने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। डायट परिसर में मेधावियों को डीएम बद्रीनाथ सिंह, सीडीओ जागृति अवस्थी, यूपी बोर्ड के सचिव डॉ. विनोद राय और डीआईओएस जयराम सिंह ने प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिह्न प्रदान किया। पिछले चार वर्षों में मेरिट वाले विद्यार्थियों को तैयार करने वाले 55 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को भी सम्मान मिला।
समारोह में डीएम ने बच्चों की प्रतिभा को सराहते हुए कहा कि मेहनत और लगन का कोई विकल्प नहीं है। जिस क्षेत्र में जाना है, उसके लिए अभी से योजना बनाकर तैयारी शुरू कर दें। मन लगाकर पढ़ें और कड़ी मेहनत करें। समस्या सबके जीवन में हैं, उससे लड़कर ही आगे बढ़ना होता है। उन्होंने मेरिट सूची में शामिल राजकीय विद्यालयों के बच्चों से अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरणा लेने की अपील की। बोर्ड के सचिव डॉ. विनोद राय ने कहा कि नकलविहीन और पारदर्शी ढंग से परीक्षा कराकर बेहद कम समय में बोर्ड ने त्रुटिरहित रिजल्ट घोषित किया है। यह भी एक उपलब्धि है। सभी शिक्षकों का इसमें अहम योगदान रहा है। उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों को भविष्य की शुभकामनाएं दी। सीडीओ जागृति अवस्थी ने प्रतिभाओं को सम्मानित करते हुए कहा कि आज का संघर्ष ही भविष्य के लिए सुनहरी राह खोलेगा। इसलिए मुश्किलों से घबराएं नहीं। अपने शिक्षकों, वरिष्ठजनों से मार्गदर्शन लें और लक्ष्य तय कर दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ें। बोर्ड परीक्षा की सफलता सिर्फ एक पड़ाव है। डीआईओएस जयराम सिंह ने कहा कि तमाम चुनौतियों के बावजूद जिले के राजकीय व एडेड विद्यालयों के शिक्षक लगातार बेहतर प्रयास कर रहे हैं। उनके प्रयासों का ही नतीजा का है कि इस बार बोर्ड परीक्षा की मेरिट सूची में राजकीय व एडेड विद्यालयों के 12 बच्चों ने जगह बनाई है। इस क्रम को आगे भी बनाए रखना है। कार्यक्रम में वर्ष 22 से वर्ष 25 तक के मेरिट सूची वाले विद्यालयों के 55 प्रधानाचार्यों, इस सत्र में हाईस्कूल व इंटर के टॉप-10 विद्यार्थियों और सीबीएसई बोर्ड के 30 प्रधानाचार्य व वरिष्ठ प्रवक्ताओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बीएसए मुकुल आनंद पांडेय, डॉ. बृजेश सिंह, बीईओ महेंद्र मौर्य, उमाकांत मिश्र, कमलेश यादव, संतोष सिंह आदि मौजूद रहे।