मेडिकल काॅलेज अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों को अब खून के लिए पांच किमी का चक्कर नहीं लगाना होगा। जून महीने से ब्लड बैंक मेडिकल काॅलेज में संचालित होगा। इसकी प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
जिला संयुक्त चिकित्सालय को उच्चीकृत कर मेडिकल काॅलेज की स्थापना के बाद से वहां संसाधनों में बढ़ोतरी पर जोर दिया जा रहा है। अस्पताल से ब्लड बैंक पांच किलोमीटर दूर होने से मरीजों को परेशानी होती है।
करीब दो दशक पहले जिला अस्पताल राॅबर्ट्सगंज नगर में ही संचालित होता था। बाद में उसे लोढ़ी में स्थानांतरित कर दिया गया। ब्लड बैंक राॅबर्ट्सगंज में ही रह गया। ऐसे में मरीजों के तीमारदारों को ब्लड लेने के लिए जिला अस्पताल से पांच किमी दूर राॅबर्ट्सगंज जाना पड़ता है।
उन्हें ब्लड लेकर आने में करीब तीन से चार घंटे का समय लग जाता है। परिसर में ही मरीजों को सभी सेवाएं मिले इसके लिए प्रबंधन की ओर से ब्लड बैंक को करीब एक साल से अस्पताल परिसर में शिफ्ट करने की कवायद चल रही है।
इसके लिए पूर्व में निर्मित ट्राॅमा सेंटर भवन का चयन किया गया है। कुछ माह पहले औषधि विभाग की केंद्रीय टीम ने स्थल का भ्रमण किया था। कुछ बिंदुओं पर कमियां मिली थी, जिन्हें दुरूस्त करने का निर्देश दिया था।
इसे प्रबंधन ने ठीक कराते हुए अंतिम रिपोर्ट भेज दी है। मई माह में ही ब्लड बैंक को शिफ्ट करने की अनुमति मिलने की उम्मीद है। इसके बाद जून से ब्लड बैंक का संचालन नए भवन में होगा। मरीजों को भटकना नहीं पड़ेगा।
केंद्रीय टीम ने संबंधित स्थल का पूर्व में निरीक्षण किया था। जो कुछ कमी मिली थी। उसे दूर करने के लिए कहा गया था। जल्द ही शिफ्ट करने की अनुमति और लाइसेंस मिलेगा।
-राजेश कुमार, औषधि निरीक्षक।