यूपी विधानसभा चुनाव में भाजपा लोकसभा चुनाव जैसा परिणाम दोहराने के लिए पूरी मेहनत कर रही है। आठ नवंबर से होने वाली परिवर्तन यात्रा के बहाने दो दशक पुराना रुतबा हासिल करने के लिए पार्टी के केंद्रीय से लेकर जिला स्तरीय पदाधिकारी-कार्यकर्ता हर हाल में कार्यक्रम को सफल बनाने के प्रयास में जुटे हैं।
यूपी का विधानसभा चुनाव करीब है। फरवरी माह में चुनाव होने की संभावना जताई जा रही है। इसको लेकर सभी राजनीतिक दल तैयारी कर रहे हैं। इसी को लेकर भाजपा भी परिवर्तन यात्रा के बहाने मैदान में आ गई है। यूपी के चार जगहों से परिवर्तन यात्रा कर ही भाजपा ने यूपी के आखिरी जिले सोनभद्र से यात्रा की शुरूआत का निर्णय लिया है। यहां से शुरूआत के बहाने जहां भाजपा दो दशक पुराना खोया रुतबा हासिल करने का प्रयास कर रही है, वहीं लोकसभा जैसा परिणाम दोहराने के लिए मेहनत कर रही है।
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बता दें कि राममंदिर का मुद्दा जब गरमाया तो 1989, 1991 और 1993 में राबर्ट्सगंज भाजपा से तीरथराज विधायक चुने गए। 1995 तक वे रहे। इस मुद्दे को ठंडा पड़ने के बाद वर्ष 1996 के विधानसभा चुनाव में उन्हें निर्दल हरि प्रसाद उर्फ घमड़ी खरवार ने हरा दिया। तब से भाजपा को यहां जती की तलाश है।
हालांकि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर में राबर्ट्सगंज लोकसभा सीट पार्टी के खाते में गई। अब इसी चुनाव को विधानसभा में दोहराने के लिए भाजपा के नेता से लगायत कार्यकर्ता तक जीतोड़ मेहनत कर रहे हैं। आदिवासी बाहुल्य इलाके में आदिवासियों के वोट साधने के साथ ही पिछड़ी जाति वर्ग के वोटों पर उनकी निगाह है। परिवर्तन यात्रा में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई दिग्गज नेता शामिल होंगे। पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए यात्रा की सफलता जहां सम्मान से जुड़ गया है, वहीं आगामी भीड़ इकट्ठा कर विधानसभा चुनाव के लिए संदेश देने भी जुड़ा है।