विधानसभा चुनाव को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी सीबी सिंह ने प्रभारी वरिष्ठ कोषाधिकारी मदन गोपाल कसेरा को व्यय अनुवीक्षण प्रभारी बनाया है। निर्देश दिया है कि नामांकन से पहले प्रत्याशियों का खाता बैंकों में खोलवा दें और उसी खाते से चुनाव का पूरा व्यय हो, जिसकी मानीटरिंग की जाए। खाता खोलवाना अनिवार्य है।
व्यय अनुवीक्षण अधिकारी कसेरा ने बताया कि बीस हजार से ऊपर का भुगतान चेक से किया जायेगा। प्रत्याशियों के व्यय रजिस्टर का निरीक्षण न्यूनतम तीन बार किया जायेगा। मतदान के तीन दिन पहले आखिरी निरीक्षण होगा। इसमें नामांकन, मतदान की तिथि का व्यय अवश्य सैडों रजिस्टर में मिलानौकिया जायेगा। निर्वाचन व्यय लेखा की रिपोर्ट दाखिल करने की अंतिम तिथि परिणाम घोषणा के 30 दिन के भीतर होगी।
25 दिन पर लेखा-टीम एवं प्रत्याशियों के एजेंटों को प्रशिक्षण दिया जायेगा। वाहन स्वामियों को 20 हजार के ऊपर का भुगतान चेक से ही किया जायेगा। चुनाव कार्यालय की अनुमति आरओ से प्राप्त कर व्यय में सम्मिलित करेंगे। लेखा-टीम एवं वीडियों अवलोकन टीम आरओ के संपर्क में रहेगी। उन्होंने बताया कि निर्वाचन क्षेत्र, खंड के प्रत्येक अभ्यर्थी के छाया प्रेक्षण रजिस्टर और साक्ष्यों के फोल्डर के रख-रखाव में लेखा टीमों के सहायक व्यय प्रेक्षक के मार्गदर्शन में कार्य करना होगा।
उन्हें जैसा रिपोर्ट किया गया है, वैसे ही वे व्यय की मदों की प्रविष्टि करेंगे और प्रत्येक मद के सामने अधिसूचित दर लिखेंगें, फिर प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए मदों पर कुल व्यय की गणना करेंगे। इसी तरह नामांकन दाखिल करने के संबंध में रैली या जलूस पर व्यय को निर्वाचन व्यय को निर्वाचन व्यय के भाग के रूप में दिखाया जाना चाहिए। वीडियो अवलोकन टीम वीडियों निगरानी दलों के रिकार्डिंग देख सीडी तैयार करेगी।