पूजन के दौरान श्रद्धालु थाली में पकवानों के साथ मौसमी फल, मिष्ठान, दही, ककड़ी, बताशा, नारियल, चुनरी, सिंदूर, रोरी, धूप और दीप लेकर मंदिर पहुंचे। शाम को मंदिर में विशेष शृंगार और आरती का आयोजन हुआ। पुजारी अभिनाश पांडेय ‘सुट्टू महाराज’ ने माता का पंचामृत स्नान कराकर नए वस्त्र और आभूषण धारण कराए। इसके बाद सुगंधित फूलों से भव्य शृंगार कर आरती उतारी गई। शयन आरती तक भक्तों की भीड़ बनी रही।
वहीं, अष्टमी के अवसर पर कालभैरव मंदिर सहित अन्य भैरव मंदिरों में भी दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। टेढ़ीनीम, दुर्गाकुंड, संकटमोचन, राजमंदिर और औसानगंज स्थित शीतला मंदिरों में भी दिनभर पूजन-अर्चन का सिलसिला जारी रहा। शहर में आस्था और भक्ति का माहौल देखने को मिला, जहां श्रद्धालुओं ने माता शीतला से परिवार की खुशहाली और स्वास्थ्य की कामना की।