फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sonebhadra News: मत्स्य जीरा व अंगुलिका पकड़ने-बेचने पर रोक

विज्ञापन
विज्ञापन
डीएम चंद्र मोहन गर्ग ने जनपद में मत्स्य संपदा के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से उ.प्र. मत्स्य अधिनियम के तहत विभिन्न प्रतिबंध लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रजनन काल में मछलियों का शिकार, मत्स्य जीरा और अंगुलिका का अवैध दोहन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद की सीमा में आने वाले सभी सार्वजनिक नदियों, जलाशयों एवं जलधाराओं पर यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू रहेगा। किसी भी व्यक्ति को विस्फोटक पदार्थ, जहरीले रसायन अथवा कृषि कार्य में प्रयुक्त विषैले रसायनों का उपयोग कर मछली पकड़ने या मारने की अनुमति नहीं होगी।
आदेश के अनुसार 15 जुलाई से 30 सितंबर 2026 तक मत्स्य जीरा एवं दो से 10 इंच आकार की अंगुलिका को पकड़ने, बेचने या खरीदने पर प्रतिबंध रहेगा। वहीं 15 जून से 30 जुलाई 2026 तक प्रजननशील मछलियों को पकड़ना, मारना या बेचना भी प्रतिबंधित रहेगा। केवल विभाग द्वारा जारी वैध लाइसेंसधारी ही निर्धारित नियमों के तहत कार्य कर सकेंगे।
विज्ञापन

इसके अलावा शासन के निर्देशों के अनुसार 1 जुलाई से 31 अगस्त तक विभिन्न श्रेणी के जलाशयों में मत्स्य आखेट पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। जिलाधिकारी ने कहा कि कोई भी व्यक्ति प्राकृतिक जलधारा को अवरुद्ध कर मछली पकड़ने या मत्स्य बीज को नुकसान पहुंचाने का प्रयास नहीं करेगा। यदि ऐसा पाया गया तो लगाए गए अवरोध, जाल तथा पकड़ी गई मछलियां और मत्स्य बीज जब्त कर लिए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रतिबंधित अवधि के दौरान नियमित निगरानी की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ उ.प्र. मत्स्य अधिनियम-1948 के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही मत्स्य पालकों एवं मछुआरों से अपील की गई है कि वे मत्स्य संपदा के संरक्षण के लिए जारी नियमों का पालन करें, ताकि जलाशयों में मछलियों की संख्या और उत्पादन में वृद्धि हो सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें